दिल्ली की सबसे बड़ी चोरी-
-यू-ट्यूब से प्रतिष्ठान के बारे में अधिक सूचना लेकर की वारदात
-घटना वाले दिन ही पुरानी दिल्ली से खरीद कर लाया था औजार
-9 सितंबर को ही तय कर लिया था कि चोरी का समय व तरीका
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में सबसे बड़ी चोरी के मास्टर माइंड व छत्तीसगढ़ के हाईप्रोफाइल चोर लोकश श्रीवास को दिल्ली के चांदनी चौक से जंगपुरा स्थित उमराव सिंह ज्वेलर्स के शोरूम के बारे में पता लगा था। इसके बाद उसने यू-ट्यूब से शोरूम के बारे में पूरी जानकारी हासिल कर ली थी। सारी जानकारी लेने के बाद वह शोरूम की रैकी के लिए कई बार दिल्ली आया। पहली बार रैकी के लिए वह नौ सितंबर को शिवा चंद्रवंशी के साथ जंगपुरा आया। इस दौरान ही वह तय करके चला गया था कि वह इसी शोरूम में चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देगा और उसका समय और तरीका क्या होगा।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि लोकेश श्रीवास चोरी के एक मामले में छत्तीसगढ़ से फरार था। छत्तीसगढ़ पुलिस उसका पूरी सरगर्मी से तलाश कर रही थी। ये छिपने के लिए दिल्ली आ गया था। हालांकि दिल्ली में बड़ी चोरी करने की मंशा भी इसके दिमाग में थी। ये दिल्ली में सबसे पहले नौ सितंबर को चांदनी चौक गया। यहां काफी देर तक घूमता रहा। यहां उसे लगा कि जूलरी शोरूम में वारदात करना आसान नहीं है। इसके बाद इसने यहां किसी से दिल्ली में बड़े व सस्ते शोरूम के बारे में पूछा। तब उसे जंगपुरा स्थित उमराव सिंह शोरूम के बारे में पता चला। इसके बाद ये शिवा के साथ जंगपुरा पहुंचा।
ये दोनों नौ सितंबर को यह लोग जंगपुरा गए थे। यहां पर इन्होंने काफी देर तक रैकी की। इसके बाद छत्तीसगढ़ चले गए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुख्य आरोपी लोकेश रेकी करने के लिए दो-तीन बार दिल्ली आया था। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यू-ट्यूब देखकर ये पता लगाया था कि शोरूम कब बंद रहता है। यह कितना बड़ा है और यहां कितनी भीड़ रहती है। वारदात वाले दिन यानि 24 सितंबर को वह दिल्ली आया और इसने शोरूम की रेकी की। इसके बाद वह पुरानी दिल्ली गया। उसने पुरानी दिल्ली से औजार खरीदे और रात नौ बजे शोरूम के पास पहुंचा। यहां पर रात 11.45 बजे तक घूमता रहा। रात 11.45 बजे वह शोरूम की बगल वाली इमारत में घुसा। इमारत में घुसता हुआ वह सीसीटीवी कैमरों में कैद हुआ है।
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यह रहा समूचा घटनाक्रम
9 सितंबर- पहली बार शिवा के साथ रेकी करने दिल्ली आया। उससे पहले चांदनी चौक गया था।
14 सितंबर- रेकी करने दिल्ली आया।
16 सितंबर- आखिरी बार फिर रेकी करने अकेला आया।
24 सितंबर- वारदात करने दिल्ली आया और सुबह नौ बजे उमराव सिंह शोरूम पहुंच गया।
24 सितंबर- रेकी करने के बाद पुरानी दिल्ली व चांदनी चौक चला गया। यहां से रात 9 बजे फिर शोरूम पहुंचा।
24 सितंबर-रात 9-11.45 बजे तक शोरूम के आसपास रेकी करता रहा। रात 11.45 बजे शोरूम में घुसा था।
25 सितंबर-करीब साढ़े 17 घंटे अंदर रहने के बाद शाम 7.30 बजे गहने लेकर शोरूम से बाहर निकला।