माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। विशेष न्यायालय ने चेक बाउंस के मामले में गाजियाबाद निवासी महेंद्र सिंह को दोषमुक्त कर दिया। कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी की ओर से पार्टनर वीर कुमार सिंह ने थाना जारचा क्षेत्र में परिवाद दायर किया था।
परिवादी के अनुसार, आरोपी पड़ोसी ने कोरोना काल में आर्थिक मदद मांगी। फर्म ने 2019 और 2020 में ऑनलाइन माध्यम से उसे 2.25 लाख समेत 3.60 लाख रुपये दिए। आरोपी ने 21 अगस्त 2022 को 3.60 लाख रुपये का चेक दिया, जो 22 सितंबर 2022 को अपर्याप्त धनराशि की वजह से बैंक से वापस आ गया। मामले में 19 अक्तूबर 2022 को नोटिस भेजा गया और भुगतान न होने पर 2 दिसंबर 2022 को परिवाद दाखिल हुआ। आरोपी ने कहा कि चेक सिक्योरिटी के तौर पर दिया गया था। उसके अनुसार परिवादी ने साझेदारी में काम करने को कहा था। फर्म की रकम भुगतान के लिए उसके खाते में जमा की गई थी। आरोपी ने वर्क ऑर्डर, एग्रीमेंट, बिल और चेकबुक की प्रति भी पेश की।
कोर्ट ने कहा कि सतना का काम आरोपी के जरिये ही मिला था और दस्तावेज से साझेदारी में काम होना साबित होता है। परिवादी ने इसके खंडन में कोई साक्ष्य नहीं दिया। विवादित चेक कुमार कंस्ट्रक्शन कंपनी के पक्ष में जारी हुआ था, पर नोटिस फर्म की ओर से नहीं गया। कोर्ट ने आरोप सिद्ध न होने पर दोषमुक्त कर दिया।