कृषि भूमि को आवासीय दिखाकर दस्तावेज कराए तैयार, छह पर प्राथमिकी
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। हैबतपुर गांव में पुश्तैनी कृषि भूमि का फर्जी बैनामा कराकर बेचने का मामला सामने आया है। आरोप है कि कुछ लोगों ने कृषि भूमि को आवासीय भूखंड दिखाकर जाली दस्तावेज तैयार किए और जमीन के एक हिस्से का बैनामा कर 30 लाख रुपये ले लिए। इस मामले में पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है।
गढ़ी चौखंडी गांव के मूल निवासी सतीश कुमार शर्मा ने पुलिस बताया कि वर्तमान में वह दिल्ली के मालवीय नगर में रहते हैं। बंटवारे के बाद हैबतपुर गांव में उनके हिस्से में करीब छह हजार वर्ग गज कृषि भूमि आई थी। उनका कहना है कि जमीन की सुरक्षा के लिए 2021 में चहारदीवारी भी कराई थी। इसके बाद खेती के लिए जमीन को किराये पर दे दिया।
उन्होंने बताया कि बहलोलपुर गांव निवासी प्रिंस यादव और उसके पिता रामवीर यादव लंबे समय से जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे। आरोप है कि दोनों ने शिकायतकर्ता के चचेरे भाई सचिन कुमार के साथ मिलकर पांच अप्रैल 2025 को दो फर्जी बैनामे तैयार कर जमीन के हिस्से का सौदा कर दिया। इन दस्तावेजों में कृषि भूमि को आवासीय भूखंड दर्शाया गया है, जबकि जमीन का भू-उपयोग आज तक परिवर्तित नहीं हुआ है। पीड़ित ने आरोप लगाया कि 22 दिसंबर को आरोपी जमीन पर कब्जा करने की नीयत से पहुंचे और चहारदीवारी का हिस्सा गिरा दिया।
कोतवाली फेज थ्री पुलिस ने प्रिंस यादव, रामवीर यादव, सचिन कुमार, अनिल कुमार शर्मा, नरेंद्र यादव और अभय यादव के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसीपी दीक्षा सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।