निवासियों का आरोेप-सेक्टर-105 के बी-45 मकान के पास से गुजर रही थी ग्रीन बेल्ट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर के सेक्टर-105 के बी-45 मकान के पास से गुजरी ग्रीन बेल्ट को तोड़कर पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। निवासियों का आरोप है कि तीन दिनों में तीन दर्जन पेड़ काट दिए गए और गलती छिपाने के लिए उस पर मिट्टी डाल दी गई। इस मामले की शिकायत के बाद प्राधिकरण के उद्यान विभाग ने नोटिस जारी किया है।
सेक्टर-105 के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से ग्रीन बेल्ट तोड़कर उस पर लगे पेड़ों के काटने की शिकायत मिली थी। इस मामले को लेकर उन्होंने आरोप लगाते हुए नोएडा प्राधिकरण से शिकायत की है कि बी-45 मकान के मालिक ने उनके पास से गुजरी ग्रीन बेल्ट की बाउंड्रीवॉल को तोड़कर तीन दिनों तक तीन दर्जन से ज्यादा पेड़ों की कटाई कर ग्रीन बेल्ट का एक बड़ा हिस्सा साफ कर दिया और उसे छिपाने के लिए उस पर मिट्टी भी डलवा दी गई है। आरोप यह भी है कि उन पेड़ों में नीम, पीपल, बरगद व जामुन समेत कई औषधीय और फलदार पेड़ थे। ग्रीन बेल्ट की बाउंड्रीवॉल टूटने से अब असुरक्षा भी बढ़ गई है।
निवासियों का कहना है कि जिस तरह सेक्टर-104 में तेजी से कॉमर्शियल एक्टिविटी बढ़ रही है। उसी तरह ही आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने होटल या रेस्तरां चलाने के उद्देश्य से घर के पास की ग्रीन बेल्ट को तबाह करने का प्रयास किया। इसके अलावा निवासियों ने इस घटना के बाद आरडब्ल्यूए से शिकायत की, जिसके बाद नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग की ओर से आरोपी के खिलाफ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। हफ्ते भर में जवाब देना होगा।
हफ्तेभर में नहीं मिला जवाब तो डीएफओ करेंगे जांच
बता दें कि यदि आठ जून को नोएडा प्राधिकरण के उद्यान विभाग की ओर से नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि हफ्तेभर के अंतराल में नोटिस का जवाब नहीं मिलता है तो इस मामले की जांच वन विभाग के मुख्य वनाधिकारी करेंगे।
आरडब्ल्यूए का आरोप, रात में चलती हैं पार्टियां
आरडब्ल्यूए ने आरोप लगाते हुए दावा किया कि बी-45 के बगल में बी-44 में अक्सर देर रात तक पार्टियां चलती हैं। जश्न मनता है और तेज आवाज के साथ बैठकें होती हैं। ऐसे में आसपास के लोगों को परेशानी होती है। संभवत: यह भी हो सकता है कि वह ग्रीन बेल्ट को काटकर वहां अपना रेस्तरां खोलना चाहते हों।
शिकायती पत्र के आधार पर संबंधित व्यक्ति को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा गया है, जवाब न मिलने पर मामले में आगे की कार्रवाई के लिए डीएफओ को प्रेषित किया जाएगा।
- आनंद मोहन, निदेशक, उद्यान विभाग, नोएडा प्राधिकरण