माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। बाढ़ का मुआवजा देने का झांसा देकर साइबर ठगी के मामले में चौथे दिन नया मोड़ आया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने इस मामले में कुछ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। यही नहीं पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ की है। पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग भी लगे हैं। जांच में पता चला है कि आरोपियों ने सिम कॉर्ड को आधार से लिंक करा दिल्ली में बैंक खाते खुलवाए हैं। क्रेडिट कॉर्ड से ऑनलाइन खरीदारी और धन की निकासी हुई जिससे खाते माइनस में चल रहे हैं।
पानीपत की अर्जुन नगर कॉलाेनी में एक गिरोह कई दिनों से सक्रिय था। जो लोगों को मुआवजे का झांसा देकर उनकी आईडी पर सिम कार्ड लेते थे। चार से पांच हजार रुपये मुआवजा दिया जाता था। कुछ लोगों को उनकी इस हरकत पर शक हुआ था जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया था। तीन दिन पहले पुलिस ने इस पूरे प्रकरण की गोपनीय जांच की थी जिसमें कुछ तथ्य पुलिस के हाथ लगे थे। पुलिस ने इस मामले में पीड़ितों से भी बात की थी और उन्हें शिकायत देने के लिए कहा था। मंगलवार को पीड़ितों ने साइबर क्राइम थाने में पहुंचकर शिकायत दी थी। जिसके बाद पुलिस ने कुछ आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था।
इसके बाद पुलिस ने गहनता से पड़ताल की। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। जिससे पूछताछ की जा रही है। जिसमें पता चला है कि बैंक में खाता खोलकर क्रेडिट कॉर्ड भी जारी कराया गया। ज्यादातर खाते बंधन बैंक में खोले गए हैं। आरोपियों ने क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाकर उससे धन की निकासी की है।
40-50 लोगों को बनाया शिकार
अब तक की जांच में पता चला है कि साइबर अपराधियों ने 40 से 50 लोगों को शिकार बनाया है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ज्यादातर की डिटेल एकत्र कर ली। जल्द ही इस मामले में खुलासा किया जाएगा।
अभी मामले की जांच की जा रही है। मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द प्रकरण का खुलासा किया जाएगा।
-अजय कुमार, प्रभारी थाना साइबर क्राइम