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Noida News: आप के सर्वे के अनुसार जेल से ही केजरीवाल चलाएंगे सरकार

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मुख्यमंत्री के नाम पर कयास, आतिशी, सौरभ भारद्वाज और सुनीता केजरीवाल
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली की सियासत में बड़ा उफान बृहस्पतिवार को देखने को मिला। शाम ढलते ही मुख्यमंत्री निवास पर प्रवर्तन निदेशालय की टीम पहुंच गई और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से शराब नीति मामले में पूछताछ शुरू कर दी। रात होते ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद दिल्ली सरकार के सामने नेतृत्व संकट का सवाल खड़ा हो गया। चर्चा आम हो गई कि मुख्यमंत्री जेल गए तो दिल्ली का मुख्यमंत्री कौन होगा। हालांकि, आप ने एक हस्ताक्षर कैंपेन चलाया था, जिसमें 90 प्रतिशत लोगों ने यह कहा था कि जेल से ही मुख्यमंत्री दिल्ली का शासन संभालेंगे।
इधर, आम आदमी पार्टी के बड़े नेता अपने मुखिया की गिरफ्तारी के बाद मुखर रहे और यहां तक कहा कि जेल से ही मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल दिल्ली का शासन चलाएंगे। हालांकि, आप के कई विधायक ऊहापोह की स्थिति में रहे कि उन्हें मुख्यमंत्री निवास तक जाना है या नहीं। उन्हें अपने घरों में नजरबंद होने का भी संशय रहा। आम आदमी पार्टी में यह भी चर्चा आम रही कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा। सूत्रों की माने तो मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन, संजय सिंह के जेल में होने से मंत्री आतिशी और सौरभ भारद्वाज ही कद्दावर नेता बनकर उभरे हैं। यह भी कयास लगाया जा रहा है कि केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी सत्ता संभाल सकती हैं।
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हालांकि, इस स्थिति में आम आदमी पार्टी के कई नेताओं में नाराजगी न हो और पार्टी एकजुट रहे इसे लेकर भी सहमति बनानी होगी। इस बीच कांग्रेस नेताओं को यह भी डर सता रहा है कि अगर भ्रष्टाचार के मामले ज्यादा तेजी से उठते है तो इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। कार्यकर्ता भी चुनाव में गर्मजोशी के साथ चुनावी समर में नहीं उतरेंगे। गठबंधन से वैसे ही कांग्रेस का एक खेमा काफी नाराज है। दूसरी तरह कांग्रेस की नीति यह भी हो सकती है कि अपने छिटके हुए कैडर को इसी बहाने वापस कांग्रेस के पक्ष में लाया जाए।
पार्टी के सामने योग्य नेता की चुनौती

आप के सामने अब चुनौती एक योग्य नेता को सामने लाने की है, जो उनकी अनुपस्थिति में दिल्ली में पार्टी और सरकार दोनों को संभाल सके। मंत्री आतिशी के पास दिल्ली सरकार में शिक्षा, वित्त, पीडब्ल्यूडी, राजस्व और सेवाओं सहित सबसे अधिक विभाग हैं। उन्हें केजरीवाल की करीबी भी माना जाता है। आतिशी लगातार भाजपा पर हमला करती हैं। वहीं, भारद्वाज दिल्ली मंत्रिमंडल के एक प्रमुख सदस्य हैं, जिनके पास स्वास्थ्य और शहरी विकास सहित कई महत्वपूर्ण विभाग हैं। वे भी पार्टी का एक जाना-माना चेहरा हैं, जो अक्सर पार्टी और नेताओं का बचाव करने व केंद्र सरकार को राजनीतिक मुद्दों पर जवाबी हमला करने में लगे रहते हैं।
90% लोगों ने आप के हस्ताक्षर कैंपेन में केजरीवाल पर भरोसा जताया था
आप नेता कुमार गौतम का कहना है कि पिछले साल दिसंबर में आप ने मैं भी केजरीवाल हस्ताक्षर अभियान चलाया था जिसमें लोगों से पूछा गया था कि क्या उन्हें दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना चाहिए या गिरफ्तार होने पर जेल से सरकार चलानी चाहिए। अभियान के दौरान 90 प्रतिशत लोगों की राय थी कि केजरीवाल के पास ही दिल्ली का जनादेश है। चुने हुए मुख्यमंत्री हैं। वे जेल में रहे या कहीं भी मुख्यमंत्री वहीं रहेंगे। दिल्ली सरकार ने इस बाबत सर्वे भी कराया था। इसमें भी यही बात निकलकर आई थी कि केजरीवाल जेल से ही सरकार चलाएंगे।
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भ्रष्टाचार की खिलाफत करने वाले खुद भ्रष्टाचारी हुए : मनोज तिवारी
नई दिल्ली। भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ वही हुआ जो अपराध और भ्रष्टाचार के मामले में होता है। अपराधी चाहे कितनी भी चालाकी कर ले वह कानून के शिकंजे में आता ही है। यह बात दिल्ली की हर गली से निकल रही है कि जिस तरह से दिल्ली वालों को धोखा दिया है, भ्रम का जाल फैलाकर सत्ता हासिल की और दिल्ली को लूटा। उस केजरीवाल को दिल्ली की हाय भी लगी है। दिल्ली की हर गली में पटाखे बज रहे हैं। लोग स्वागत कर रहे हैं। भ्रष्टाचार की खिलाफत करने वाले खुद भ्रष्टाचारी हो गए। कानून के हाथ लंबे होते हैं, पद चाहे कितना भी बड़ा हो जनता का पैसा लूटने वालों का यही हाल होता है।
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