विकास योजनाओं को दें गति, जनता तक समयबद्ध पहुंचे लाभ: बृजेश
कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था, राजस्व और मुख्यमंत्री विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में कानून व्यवस्था, राजस्व एवं मुख्यमंत्री विकास प्राथमिकता कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक की गई। बैठक की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग के राज्य मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री बृजेश सिंह ने की।
उन्होंने विभिन्न विभागों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों को और अधिक गति देने के निर्देश दिए। प्रभारी मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और नागरिक सुविधाओं को लगातार बेहतर बनाना है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समयबद्ध तरीके से पहुंचाना सुनिश्चित करें। बैठक में राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान निवास, आय एवं जाति प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं को और अधिक पारदर्शी, सरल और समयबद्ध बनाने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने कहा कि राजस्व विभाग सीधे आमजन से जुड़ा हुआ है, इसलिए नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान आयुष्मान भारत योजना, गोल्डन कार्ड निर्माण, नियमित टीकाकरण, एंबुलेंस सेवाओं और स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं का आकलन किया गया। प्रभारी मंत्री ने पात्र लाभार्थियों को स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने और चिकित्सा सेवाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए।
कृषि एवं सहकारिता विभाग की समीक्षा में किसानों के लिए उर्वरकों और गुणवत्तापूर्ण बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि कृषि जनपद की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है और किसानों की जरूरतों को प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। सिंचाई व्यवस्था की समीक्षा करते हुए नहरों के माध्यम से टेल तक पानी की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत सड़क निर्माण, मरम्मत और चौड़ीकरण कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने सभी परियोजनाओं को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन ग्रामीण एवं शहरी की समीक्षा के दौरान प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लक्ष्य को प्राथमिकता के साथ पूरा करने पर जोर दिया गया।
निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
विद्युत विभाग की समीक्षा करते हुए प्रभारी मंत्री ने निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त प्रस्तावों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं उद्योग विभाग को निवेश संबंधी एमओयू को जल्द धरातल पर उतारने, निवेश परियोजनाओं को गति देने तथा रोजगार सृजन के अवसर बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा गया।शिक्षा विभाग की समीक्षा में स्कूल चलो अभियान, पीएम कंपोजिट विद्यालय, शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्रवेश प्रक्रिया और प्रोजेक्ट अलंकार के अंतर्गत विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं की प्रगति का जायजा लिया गया। मंत्री ने गुणवत्तापूर्ण एवं समावेशी शिक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। इसके अलावा पशुपालन विभाग को गोशालाओं के बेहतर संचालन, निराश्रित गोवंश संरक्षण और डॉग शेल्टर की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए गए। वन विभाग को पौधरोपण एवं पौध संरक्षण कार्यक्रमों को व्यापक स्तर पर संचालित कर पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन का रूप देने के लिए कहा गया। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, जिला पूर्ति विभाग, पर्यटन विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की भी समीक्षा की गई।