धरना स्थल पर मौजूद एबीवीपी के नेताओं ने कहा कि जब तक आरोपितों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने शुक्रवार को केसीसी कॉलेज के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि मानसिक दबाव के चलते छात्रा खुशबू ने आत्महत्या जैसा कठोर कदम उठाया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कॉलेज के अंदर और बाहर जाने पर भी रोक लगा रखी है।
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छात्रों का कहना है कि खुशबू पर परीक्षा के दौरान नकल का झूठा आरोप लगाकर यूएफएम लगाया गया था। जिससे वह मानसिक तनाव में आ गई। इस अन्याय के खिलाफ छात्रा ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय स्तर पर शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मानसिक प्रताड़ना, सामाजिक दबाव और भविष्य की चिंता से व्यथित होकर छात्रा ने आखिरकार जान दे दी। छात्रों ने बताया कि बृहस्पतिवार को उन्होंने डीसीपी साद मियां को ज्ञापन सौंपकर आरोपितों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, मामले की महिला थाना या एसआइटी से निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों को निलंबित करने और सभी निजी तकनीकी संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य परामर्श केंद्र तथा एंटी-हैरासमेंट सेल स्थापित करने की मांग की थी। परिषद ने चेतावनी भी दी थी कि यदि 24 घंटे के भीतर कार्रवाई नहीं हुई तो वे धरना-प्रदर्शन करेंगे।
परिषद के पदाधिकारियों का आरोप है कि कॉलेज प्रशासन ने छात्रा की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया और न ही समय रहते समाधान की कोशिश की। यही वजह रही कि छात्रा लगातार तनाव में रही और उसने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठा लिया। छात्रों का कहना है कि कॉलेज प्रशासन के इस रवैये ने पूरे शिक्षण संस्थान के माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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धरना स्थल पर मौजूद एबीवीपी के नेताओं ने कहा कि जब तक आरोपितों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर जल्द से जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरने में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ-साथ परिषद के वरिष्ठ पदाधिकारी भी मौजूद रहे। सभी ने एक सुर में कॉलेज प्रशासन पर छात्र हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया और छात्रा को न्याय दिलाने की मांग की।