उरई। जिले की 106 ग्राम पंचायतों में हाइटेक कॉमन सर्विस सेंटर के जरिए आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि अब ग्रामीणों को आधार से जुड़े छोटे-बड़े कार्यों के लिए अब शहरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
ग्रामीण रामस्वरुप, बाबू, अमित कुमार, बंदू आदि का कहना है कि आधार के काम से उरई या अन्य जगहों पर जाना पड़ता है। किराया, भीड़ और पूरा दिन खराब हो जाता था। कई बार लाइनों में लगने के बाद भी उनके आधार कार्ड नहीं बन पाते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि समस्याओं को देखते हुए जिले की ग्राम पंचायतों में हाइटेक कॉमन सर्विस सेंटर के जरिये आधार सेवा केंद्र स्थापित किए जाने की शासन ने मंजूरी दे दी है। ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर, सशक्त, सेवा, स्वच्छता और स्वावलंबन का प्रतीक बनाए जाने की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं। आधार कार्ड मूलभूत दस्तावेज हो गया है। इसकी पेंशन से लेकर बैंक खाता खुलवाए जाने और मोबाइल सिम लेने आदि के लिए जरूरत पड़ती है।
इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से भी हरी झंडी मिल चुकी है। हालांकि यूआईडीएआई ने पंचायतों में पहले भी यह सेवा शुरू करने के लिए सहमति दे दी थी। किन्हीं कारणों से इसकी शुरुआत नहीं हो पाई थी।
यह सुविधाएं भी मिलेंगी
ग्राम सचिवालयों में नया आधार कार्ड बनाने के साथ ही नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर, पता सुधार, बायोमैट्रिक अपडेट और बाल आधार बनवाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
स्कूलों में बच्चों के प्रवेश में मिलेगी सुविधा
परिषदीय विद्यालयों में छात्र-छात्राओं को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, उनकी अपार आईडी और यू-डायस पर जानकारी दर्ज करने के लिए आधार कार्ड आवश्यक होता है। ऐसे में प्रवेश के समय अभिभावकों के पास बच्चों का आधार कार्ड न होने पर दिक्कत आती है। इस समस्या को देखते हुए अभिभावकों को आधार कार्ड बनवाने के लिए कहा जाता है।
वर्जन
ग्राम सचिवालयों में बेहतर ढंग से कार्य कर रहे कॉमन सर्विस सेंटरों में तैनात पंचायत सहायकों को आधार संबंधी कार्यों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ग्राम सचिवालयों में आधार कार्ड केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
- राम अयोध्या प्रसाद, जिला पंचायत राज अधिकारी