टाटा यूरेका पार्क सोसाइटी में निवासी राजकुमार मेहता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के निदेशक पद से सेवानिवृत है। कुछ साल पहले बीमारी के कारण उनकी पत्नी का निधन हो चुका है। बड़ी बेटी यूनाइटेड किंगडम (यूके) में रहती है। पुत्र युवराज मेहता गुरुग्राम के सेक्टर-54 स्थित डनहमबी इंडिया कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थे। वह वर्क फ्रॉम होम के साथ बीच-बीच में गुरुग्राम स्थित कंपनी जाते थे। शुक्रवार रात वह गुरुग्राम स्थिति कंपनी से अपनी ग्रैंड विटारा कार से ड्यूटी खत्म कर घर लौट रहे थे।
घर से करीब 500 मीटर पहले सेक्टर-150 एटीएस ली ग्रैंडियोस के समीप टी प्वाइंट के पास कोहरे में युवराज की कार नाले की दीवार को तोड़कर पानी से भरे बेसमेंट के लिए बनाए गए गड्ढे में जा गिरी। ज्यादा पानी होने के कारण कार पलटने के बाद तैरने लगी। किसी तरह युवराज ने कार से बाहर आकर पिता को घटना की सूचना दी। पिता तुरंत डायल-112 पर सूचना देकर मौके पर पहुंचे। कंट्रोल रूम से सूचना मिलने के बाद कोतवाली प्रभारी सर्वेश सिंह दमकल को सूचना देकर मौके पर पहुंचे। वहीं, नॉलेज पार्क फायर स्टेशन से दमकल कर्मी भी छोटी और बड़ी क्रेन के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने क्रेन लगाकर सॉफ्टवेयर इंजीनियर को निकालने का प्रयास किया लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी।
इस दौरान युवक बीच-बीच में कार के ऊपर ही किसी तरह खड़े होकर टॉर्च जलाकर अपने जिंदा होने का सबूत देकर बचाओ-बचाओ चिल्लाता रहा। कोहरे के बीच प्लॉट में ठंडा पानी भरा होने के साथ निर्माणाधीन कॉलम से टकराने के डर से पुलिस और दमकलकर्मी पानी के अंदर नहीं गए। मौके पर मौजूद पिता बार-बार पुलिस और दमकल से बेटे को बचाने की गुहार लगाते रहे। मगर रात 1:45 बजे उनका पुत्र कार सहित पानी के अंदर जा समाया। कुछ देर बाद एसडीआरएफ की टीम आई। लेकिन जरूरी संसाधन नहीं होने के कारण एसडीआरएफ को कामयाबी नहीं मिल पाई।
इस बीच गाजियाबाद स्थित एनडीआरएफ को भी सूचना दी गई। करीब डेढ़ घंटे बाद गाजियाबाद से आई एनडीआरएफ की टीम ने ढाई घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाने के बाद गहरे पानी में स्टीमर उतारने के बाद और टॉर्च की रोशनी जलाकर युवराज को पानी से बाहर निकाला। उसे इलाज के लिए नॉलेज पार्क स्थित कैलाश अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पिता, रिश्तेदारों, गांव के निवासियों, डिलीवरी ब्वॉय ने रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी के आरोप लगाए हैं।
नोएडा प्राधिकरण की उदासीनता पड़ी भारी
पुलिस को दी तहरीर में राजकुमार मेहता ने कहा कि सेक्टर-150 के निवासियों द्वारा पहले भी नोएडा प्राधिकरण से कई बार नाले के आसपास मजबूत बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड लगाने की मांग कर चुके हैं। बावजूद इसके कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। जिससे आए दिन हादसे होते हैं। लेकिन प्राधिकरण की उदासीनता के कारण सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए। इसलिए मामले में संबंधित विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई हो। जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो सके।
प्रथम दृष्टया हादसे का कारण तेज रफ्तार और कोहरे के कारण वाहन से नियंत्रण खोना प्रतीत हो रहा है। कार सीधे गहरे पानी में जा गिरी। युवक के पिता ने तहरीर दी है। मामले की जांच की जा रही है।
-सर्वेश सिंह, कोतवाली प्रभारी, नॉलेज पार्क
घटना की टाइम लाइन
- रात 12 :05 बजे -अनियंत्रित कार बेसमेंट में गिरी
- 12:25 बजे -युवक ने पिता को फोन से सूचना दी
- 12:30 बजे - पिता ने डायल 112 पर सूचना दी
- 12:41 बजे -कंट्रोल रूम से कोतवाली प्रभारी के पास फोन आया
- 12:50 बजे -पुलिस फोर्स और दमकल कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे
- 1:15 बजे -एसडीआरएफ टीम घटना स्थल पर पहुंची
- 1:45 बजे - बेसमेंट में भरे पानी में कार समेत युवक डूबा
- 1:55 बजे -गाजियाबाद से एनडीआरएफ टीम पहुंची
- 4:30 बजे -युवक को बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया
नोट : समय जैसा पुलिस और परिजनों ने बताया।