बेटे डॉ. मनीष ने बताया कि 6 मार्च को उनकी मां पार्क में टहल रही थीं। इस दौरान लावारिस कुत्ते ने उनके ऊपर हमला कर दिया। उन्होंने बचने का प्रयास किया, लेकिन उनके पैर में कई जगह पर कुत्ते ने काट लिया। जिसके कारण उन्हें एक निजी अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था। डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें घर लाया गया, लेकिन लगातार उनके इंजेक्शन लग रहे थे।
बेटे मनीष ने बताया कि कुत्ते के काटने के बाद से कमजोरी महसूस हो रही थी। इसके साथ ही उन्हें बुखार आ रहा था। उन्हें लगातार इंजेक्शन लग रहे थे। कुत्ते के काटने के बाद लगने वाले दो इंजेक्शन लग नहीं सके। एक इंजेक्शन 20 मार्च और दूसरा 3 अप्रैल को लगाया जाना था। उन्होंने बताया कि 16 मार्च की रात उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई। उन्हें सीपीआर दिया गया।
अस्पताल में भी उन्हें डॉक्टरों ने बचाने का पूरा प्रयास किया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उन्होंने आरोप लगाया है कि लावारिस कुत्ते के काटने के बाद ही मां को परेशानी हुई थी कुत्तों के आतंक के कारण ही उन्होंने अपनी मां को खो दिया है, उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों पर भी आरोप लगाए हैं कि कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अब उनकी मां उनके बीच नहीं रही हैं। इसका जिम्मेदार कौन होगा।