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Budaun News: एक ही चालक 12 घंटे तक लगातार चला रहा 600 किमी बस

Tue, 18 Nov 2025 12:29 AM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
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रोडवेज बस स्टैंड से संचालित होती बसें। - फोटो : संवाद
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बदायूं। रोडवेज में नियम दरकिनार कर लंबी दूरी की बसों पर ड्यूटी लगाने में खेल किया जा रहा है। एक ही चालक 600 किमी तक रोडवेज बस दौड़ा रहा है। इससे हादसों का अंदेशा बना रहता है।
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सर्दियों का मौसम हो या बरसात का, परिवहन निगम के अफसर यात्रियों की सुरक्षा के प्रति बेपरवाह बने रहते हैं। बदायूं में नियमों को दरकिनार कर बसों पर चालकों की ड्यूटी लगाई जा रही है। एक चालक 12-13 घंटे तक बस चला रहा है। एक ही चालक 600 से 700 किलोमीटर तक बस दौड़ा रहा है। पिछले महीने आगरा के फाउंड्री डिपो की बस का चालक तीन दिन से लगातार बस चला रहा था कि उझानी के पास बस खड़े ट्रक में टकरा गई थी। हादसे में बस चालक व एक फौजी की मौत हो गई थी, जबकि 17 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

हादसे के बाद भी डिपो की व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया है। डिपो से लंबी दूरी तय करने वालीं करीब 80 बसें हैं। इनका संचालन दिल्ली, लखनऊ, हरिद्वार,देहरादून रूट पर किया जाता है। ये बसें अप-डाउन मिलाकर 600 से 700 किमी तक का सफर तय करती हैं। इन बसों पर एक ही चालक को भेजा जा रहा है, जबकि डिपो के बेड़े में निगम की 108 बसें हैं। साथ ही अनुबंधित की 44 बसें हैं। इनमें 320 चालक तैनात हैं।
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डिपो में चालकों की कमी नहीं है इसके बाद भी दो चालकों की व्यवस्था नहीं की गई है। बताई जा रही है। लंबी दूरी की सभी बसें यात्रियों से भरी रहती हैं। डिपो के पास चालकों की संख्या भी पर्याप्त है। इसके बाद भी सर्दियों और बरसात के सीजन में लंबी दूरी की बसों पर एक ही चालक को भेजकर यात्रियों की जान से खिलवाड़ किया जा रहा है।

इस तरह किया जा रहा खेल
संविदा चालक को प्रति किलोमीटर 1.89 रुपये की दर से भुगतान किया जाता है। 22 दिन में पांच हजार किलोमीटर बस चलाने पर चालक को तीन हजार रुपये प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। अगर कोई बस दूसरे स्टेशन पर रात में रुकती है तो चालक को उसका भत्ता दिया जाता है। कुछ जुगाड़ू और अधिकारियों के चहेते चालकों को लगातार ड्यूटी दी जाती है। जिम्मेदार अधिकारी यात्रियों की जान की परवाह किए बिना मुख्यालय के आदेश और नियमों को भी दरकिनार कर रहे हैं।

नहीं मिलता दूसरा चालक
बदायूं से देहरादून तक जाने में करीब 12 घंटे का समय लग जाता है। डिपो से सुबह चलने के बाद दूसरे दिन सुबह तक ही बस डिपो आ पाती है। एक से आने जाने में 24 घंटे का समय लगता है। साथ ही सात सौ किलोमीटर का सफर भी तय होता है। लगातार 12-14 घंटे तक गाड़ी चलानी पड़ती है। इसके बाद भी दूसरा चालक नहीं मिलता है। - हरि सिंह, चालक

80 किमी के बाद आधा घंटे का लेना पड़ता है विश्राम
बदायूं से दिल्ली-जरियनपुर चलते हैं। लगातार 12 घंटे सफर करना पड़ता है। हालांकि 80 किलोमीटर गाड़ी चलाने के बाद किसी होटल में आधा घंटा चाय-नास्ता कर आराम कर लेते हैं। लंबी दूरी के लिए दूसरा चालक साथ में नहीं मिलता है। गाड़ी 598 किलोमीटर चलती है।- गोवर्धन, चालक

छह सौ किलोमीटर से अधिक दूरी तय करने वाली बसों पर ही दो चालकों की ही ड्यूटी का प्रावधान है। यहां देहरादून के अलावा सभी बसें छह सौ किलोमीटर से कम ही चल रही हैं। - राजेश पाठक, एआरएम, बदायूं
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