- विमानन कंपनियों से विमानों के लिए तय होना है टैरिफ
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर जल्द ही काॅमर्शियल फ्लाइटों का संचालन शुरू होने जा रहा है। उड़ान शुरू होने से पहले विमानन कंपनियों से वसूले जाने वाले टैरिफ की दरें तय की जानी हैं। भारतीय विमान पत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण ने पिछले वर्ष अगस्त में नोएडा एयरपोर्ट के लिए अनंतिम टैरिफ दरें निर्धारित की थीं। इन दरों को अंतिम रूप देने के लिए 23 मार्च को दिल्ली में सभी हितधारकों से सुझाव लेने के लिए बैठक बुलाई गई है।
नोएडा हवाई अड्डा संचालक कंपनी ने आगामी पांच वर्षों के लिए विमान सेवा संचालन का अनुमानित खर्च प्रस्तुत किया है। कंपनी के अनुसार 2026 में 482.60 करोड़, 2027 में 537.70 करोड़, 2028 में 577.40 करोड़, 2029 में 605.80 करोड़ और 2030 में 651.90 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हवाई सेवाओं के अतिरिक्त अन्य मद में पांच वर्ष के दौरान 1645.29 करोड़ रुपये खर्च का अनुमान लगाया गया है।
अनंतिम टैरिफ के तहत घरेलू विमान की लैंडिंग शुल्क के लिए सौ मीट्रिक टन तक 875 रुपये प्रति मीट्रिक टन तय किया गया था। इससे अधिक क्षमता पर 87500 रुपये व 1155 रुपये प्रति मीट्रिक टन तय किया गया। अंतरराष्ट्रीय विमान सेवा के लिए सौ मीट्रिक टन तक 1000 रुपये प्रति मीट्रिक टन और अधिक क्षमता पर एक लाख रुपये व 1300 रुपये प्रति मीट्रिक टन शुल्क निर्धारित किया गया।
निशुल्क अवधि के बाद हैंगर में विमानों के लिए प्रत्येक घंटे की दर से लगेगा चार्ज
पार्किंग शुल्क में निशुल्क अवधि के बाद पहले दो घंटे के लिए सौ मीट्रिक टन तक 25 रुपये व अधिक क्षमता पर 2500 रुपये और चार घंटे के बाद 50 रुपये व 5000 रुपये प्रति घंटा तय किया गया। उपभोक्ता विकास शुल्क के तहत घरेलू प्रस्थान यात्री के लिए 690 रुपये, अंतरराष्ट्रीय के लिए 1380 रुपये, आगमन पर घरेलू 300 रुपये और अंतरराष्ट्रीय 595 रुपये प्रति यात्री तय किया गया। भारतीय विमान पत्तन आर्थिक विनियामक प्राधिकरण हितधारकों के सुझावों के बाद इन दरों को अंतिम रूप देगा।