राजस्थान के नीमराणा की तर्ज पर बसेगी यीडा में जापानीज सिटी
मॉडल के रूप में नीमराणा जापानीज इंडस्टि्रयल पार्क देखने पहुंचे यीडा के अधिकारी
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना सिटी में प्रस्तावित जापानीज सिटी का विकास राजस्थान के नीमराणा माॅडल पर किया जाएगा। सोमवार को सीईओ राकेश कुमार सिंह की अगुवाई में यीडा के एक प्रतिनिधिमंडल ने नीमराणा जापानी इंडस्टि्रयल पार्क में हुए विकास कार्य और जापानीज निवेशकों को उपलब्ध कराई गईं सुविधाओं को देखा।
यमुना सिटी में सेक्टर-4ए में भी एक जापानीज सिटी अपने निवेशकों के लिए यीडा द्वारा प्रस्तावित है, जिससे जापानीज निवेशकों को काम करने में सहजता रहे। सीईओ राकेश कुमार सिंह ने बताया कि नीमराणा का यह जापानीज इंडस्टि्रयल पार्क राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (रीको) ने विकसित किया है। नीमराणा में इस इंडस्टि्रयल पार्क को जापानीज निवेशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। यहां कई प्रमुख कंपनियां निवेश कर चुकी हैं। इनकी सुविधा के लिए 1162 एकड़ में विकसित इस जोन में उद्योगों के अलावा आवासीय जरूरतों के लिए भी भूखंड विकसित किए गए हैं। इस दौरे में यहां किए गए सफल विकास और संचालन ढांचे का अध्ययन अधिकारियों ने किया है जिससे यमुना सिटी में यहां मौजूद तरीकों और प्रक्रिया को यमुना सिटी में भी लागू किया जा सके।
नीमराणा जापानीज जोन को कैसे विकसित किया गया? इसके बारे में रीको के अधिकारियों ने भी यीडा के प्रतिनिधिमंडल से जानकारी साझा की। उन्हें बताया गया कि यह राजस्थान में दूसरा जापानीज इंडस्टि्रयल जोन है। पहला गिलोट में करीब 500 एकड़ में विकसित किया गया था। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण निवेशकों के लिए पर्यावरण व अन्य एनओसी में शिथिलता के अलावा भूमि आवंटन में प्राथमिकता सुनिश्चित करना है। आवासीय भाग में प्रार्थना केंद्र के अलावा मनोरंजन और सामुदायिक उपयोग की सुविधाएं दी गई हैं। पांच सितारा होटल जैसी जरूरतें भी यहां नजदीक में विकसित हैं। बैठक में सीईओ के साथ एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया, रीको के डीजीएम संजय बगड़िया और कंसल्टेंट अर्न्स्ट एंड यंग के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।
सीईओ का कहना है कि जापानीज इंडस्टि्रयल पार्क का निरीक्षण भी किया गया है। वहां इंफ्रास्ट्रक्चर के अलावा इसके प्रबंधन को भी देखा गया है। इससे यीडा में जापानीज सिटी को विकसित करने में मदद मिलेगी। यमुना सिटी के साथ यूपी को भी वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने में मदद मिलेगी।