यात्री टर्मिनल में दिखेगी भारतीय संस्कृति और ऐतिहासिक धरोहर की झलक
ग्रेटर नोएडा। नोएडा एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल की इमारत पूरी तरह से इको फ्रेंडली और ऊर्जा की बचत करने वाली होगी। साथ ही यहां भारत के ऐतिहासिक व सांस्कृतिक विरासत की झलक भी देखने को मिलेगी। इसका डिजाइन तैयार हो गया है। ज्यूरिख कंपनी इस डिजाइन के आधार पर टर्मिनल को तैयार कराएगी।
ज्यूरिख एयरपोर्ट इंटरनेशनल एजी की गठित कंपनी के यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ क्रिस्टोफ श्लेनमैन की तरफ जानकारी दी गई है कि नोएडा एयरपोर्ट के यात्री टर्मिनल का डिजाइन चार ऑर्किटेक्ट कंपनियों नॉर्डिक, ग्रिमशॉ, हैप्टिक और एसटीयूपी के समूह ने मिलकर तैयार किया है। डिजाइन तैयार करने के लिए बीते जून से अगस्त के बीच प्रतियोगिता कराई गई थी। इसमें इस समूह की डिजाइन सबसे आकर्षक रही। उन्होंने बताया कि यात्री टर्मिनल में हरित क्षेत्र अधिक होगा। इमारत की बनावट इस तरह होगी कि दिन होने पर ज्यादातर जगहों पर सूर्य की रोशनी पहुंचे, ताकि अतिरिक्त प्रकाश की जरूरत नहीं पड़े। यात्रियों को तमाम अत्याधुनिक सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। यह इमारत सालाना 30 मिलियन यात्रियों की जरूरत पूरी कर सकेगी। भारतीय यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया जाएगा। इसी समूह ने हैदराबाद, ओसलो, इस्तांबुल और ज्यूरिख एयरपोर्ट का डिजाइन तैयार किया था। ज्यूरिख कंपनी ने दावा किया है कि इमारत में इन चारों टर्मिनल की छाप दिखेगी। इसमें यात्रियों की जरूरत के सामान के लिए व्यावसायिक क्षेत्र भी होगा। टर्मिनल के किसी भी क्षेत्र में यात्रियों की भीड़ नहीं दिखेगी। यह पूरी तरह से डिजिटल सिस्टम पर निर्भर होगा। इससे यात्रियों को बहुत सहूलियत मिलेगी।
मास्टर प्लान को मंजूरी का इंतजार
नोएडा एयरपोर्ट की नींव रखने के लिए ज्यूरिख की तरफ से सौंपे गए मास्टर प्लान पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मंजूरी मिलने का इंतजार है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (नियाल) के अधिकारियों ने बताया कि ज्यूरिख कंपनी ने मास्टर प्लान बीते सप्ताह ही सौंप दिया है। मास्टर प्लान का परीक्षण करने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार को भेज दिया गया है। इस माह के अंत तक मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी और निर्माण शुरू करने की तिथि तय की जाएगी। प्रधानमंत्री इसकी नींव रख सकते हैं।