-साइबर जालसाजों के शिकार पांच पीड़ितों ने दर्ज करवाई प्राथमिकी, साइबर क्राइम थाना पुलिस ने जांच शुरु की
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। साइबर जालसाजों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग, क्रिप्टोकरेंसी में निवेश, बिजली बिल भुगतान और बैंक खातों में सेंध लगाकर पांच लोगों को निशाना बनाया। इन पीड़ितों से करीब 77 लाख 29 हजार 400 रुपये की ठगी हुई है। पीड़ितों में कारोबारी, सेवानिवृत्त अधिकारी और कंपनी कर्मचारी शामिल हैं। शिकायतों के आधार पर सेक्टर-36 साइबर क्राइम थाना पुलिस ने अलग-अलग प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्रिप्टो में निवेश के बहाने ठगे 34 लाख 49 हजार रुपये
ग्रेटर नोएडा वेस्ट की इरोज सम्पूर्णम सोसाइटी निवासी दीपक अग्रवाल को ठगों ने क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग कर मोटा मुनाफा कमाने का लालच दिया। आरोपियों ने उनसे एक ऐप डाउनलोड कराया। शुरुआत में दीपक को निवेश पर मुनाफा देकर उनका विश्वास जीता गया। इसके बाद मई और जून 2025 के दौरान उनसे अलग-अलग किस्तों में 34 लाख 49 हजार रुपये जमा करा लिए गए। ऐप पर रकम बढ़ती हुई दिखाई दे रही थी, लेकिन जब उन्होंने रकम निकालने का प्रयास किया तो उन्हें ठगी का पता चला। पीड़ित ने अपने परिचितों से उधार लेकर यह रकम निवेश की थी।
ऑनलाइन ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर 20 लाख 60 हजार रुपये की ठगी
ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर सेक्टर-11 निवासी श्याम नारायण राम से 20 लाख 60 हजार 400 रुपये की ठगी की गई। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में दी शिकायत में बताया कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर अपने जाल में फंसाया। आरोपियों ने अलग-अलग तरीकों से रकम अपने खातों में ट्रांसफर करा ली। उन्होंने 20 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। घटना 19 नवंबर 2025 की बताई गई है।
बिजली बिल भुगतान के नाम पर 7 लाख 82 हजार रुपये की ठगी
ग्रेटर नोएडा के सिरसा गांव निवासी 39 वर्षीय जगत सिंह साइबर ठगी का शिकार हो गए। उन्होंने शिकायत में बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने बिजली का बिल जमा कराने के नाम पर उनसे संपर्क किया। इसके बाद उनके बैंक खातों से कुल 7 लाख 82 हजार रुपये दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लिए गए। पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और रकम वापस दिलाने की मांग की है। उन्होंने 5 दिसंबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी।
दो बैंक खातों में जालसाजों ने लगाई सेंध
ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 निवासी अभय कुमार गुप्ता के बैंक खाते से 1 जुलाई से 1 अगस्त 2025 के बीच कई फर्जी लेनदेन के जरिए 6.38 लाख रुपये निकाल लिए गए।
वहीं, सेक्टर-63 के छिजारसी गांव निवासी कुलभूषण शर्मा के खाते से 7 अगस्त 2026 की सुबह अचानक तीन बार में आठ लाख रुपये निकाल लिए गए। दोनों पीड़ितों को यह भी पता नहीं चल पाया कि साइबर जालसाजों ने उनके बैंक खातों में सेंध कैसे लगाई।
म्यूल अकाउंट में रकम ट्रांसफर किए जाने के संकेत
डीसीपी साइबर क्राइम शैव्या गोयल ने बताया कि इन सभी मामलों में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि ठगी की रकम ‘म्यूल अकाउंट’ यानी किराए पर लिए गए बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है। पुलिस संबंधित खातों की बैंक डिटेल खंगाल रही है।