फिंगरप्रिंट क्लोन से करोड़ों की ठगी करने वाला गिरफ्तार
नोएडा। फिंगरप्रिंट क्लोन के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले एक आरोपी को साइबर क्राइम पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया है। आरोपी आधार इनेबल पेमेंट सिस्टम (एइपीएस) के माध्यम से ठगी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपी से कई चेक बुक, पेन कार्ड, बायोमेट्रिक मशीनें, रबड़ इंप्रेशन प्रिंटर समेत अन्य सामान बरामद हुआ है।
साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक डॉ. त्रिवेणी सिंह ने बताया कि सेक्टर-36 स्थित थाने में कई लोगों ने शिकायत की थी कि एइपीएस के माध्यम से उसके साथ ठगी हो रही है। जांच के बाद साइबर क्राइम की टीम ने क्रॉसिंग रिपब्लिक गाजियाबाद निवासी रोहित त्यागी को शुक्रवार को नोएडा से गिरफ्तार किया। बीसीए पास रोहित त्यागी की वर्ष 2019 में नौकरी छूट गई थी। तभी उसे एइपीएस के बारे में पता लगा। इसके बाद आरोपी ने इंटरनेट पर सर्च कर काफी जानकारी एकत्रित की और फिंगरप्रिंट क्लोन तैयार कर ठगी करने लगा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी किसी व्यक्ति का फिंगरप्रिंट क्लोन कर माइक्रो एटीएम से पैसे ट्रांसफर कर लेता था। इसके लिए आरोपी विभिन्न माध्यमों से लोगों के बैंक खातों की जानकारी और आधार संख्या हासिल करता था। आरोपी अब तक कितने लोगों से ठगी कर चुका है, इसका पता लगाया जा रहा है। पुलिस का दावा है कि आरोपी करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है, हालांकि आंकड़े स्पष्ट नहीं हैं।
क्या है एइपीएस
एइपीएस, नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया द्वारा बनाया गया एक सिस्टम है जो लोगों को आधार नंबर और उनके फिंगरप्रिंट की मदद से माइक्रो एटीएम द्वारा पैसे निकालने की अनुमति देता है। इस पेमेंट सिस्टम से लोग अपने आधार नंबर के माध्यम से एक अकाउंट से दूसरे में पैसे भेज सकते हैं और प्राप्त कर सकते हैं। इस दौरान किसी ओटीपी की आवश्यकता नहीं होती। इस सेवा का इस्तेमाल करने के लिए बैंक अकाउंट, आधार कार्ड से लिंक होना जरूरी है।