घरेलू काम में लापरवाही पर सीआरपीएफ जवान और पत्नी ने नाबालिग भांजी को बर्बरता से पीटा
ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने सीआरपीएफ के जवान और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सुत्याना स्थित कमांडेंट 235वीं बटालियन सीआरपीएफ के आवासीय परिसर में एक जवान (आरक्षी) ने पत्नी के साथ मिलकर नाबालिग भांजी की बर्बरता से पिटाई कर दी। गंभीर रूप से घायल बच्ची को इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती कराना पड़ा है।
डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर बताई है। ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने सीआरपीएफ के जवान और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने बच्ची को बिना विभागीय अनुमति के अपने सरकारी आवास पर घरेलू काम और बच्चों की देखभाल के लिए रखा था। छोटी-छोटी बातों पर उसके साथ पिटाई कर घरेलू क्रूरता की जाती थी। जानकारी के मुताबिक, रिम्पा खातून मूलरूप से मालदा पश्चिम बंगाल की रहने वाली है। वह सीआरपीएफ में आरक्षी पति तारीक अनवर के साथ सुत्याना स्थित आवासीय परिसर में रहती है। आरोपी महिला के बहन के पति ने तलाक ले रखा है। वर्तमान में बहन की पांच पुत्रियां हैं, जो बंगाल में रहती है। आरोपी महिला की बहन की मानसिक स्थित सही नहीं रहती है। आर्थिक तंगी के कारण रिश्तेदारों ने रिम्पा खातून से 10 वर्षीय भांजी को अपने साथ रखने की अपील की थी। इस कारण आरोपी महिला करीब 40 दिन पहले बच्ची को बंगाल से सुत्याना स्थित सीआरपीएफ के आवासीय परिसर में लाई।
आरोप है कि यहां बच्ची से घर का काम करवाने के साथ बच्चों की देखभाल भी कराई जाती थी। 14 जनवरी की रात दंपती ने घरेलू काम में हुई लापरवाही के कारण बच्ची के साथ मारपीट की। दंपती ने बच्ची का सिर दीवार में लड़ाने के साथ उसे लात, घूंसे और चांटे मारकर जमकर पिटाई कर दी। सीआरपीएफ कैंप के आवासीय परिसर में रहने वाले अन्य पड़ोसी जवानों को जब बच्ची के रोने की आवाज के साथ पिटाई की जानकारी हुई तो उन्होंने सूबेदार मेजर को इसकी जानकारी दी।
सूबेदार मेजर द्वारा पुलिस को सूचना दी गई। साथ ही बच्ची को पहले ग्रेनो वेस्ट के सर्वोदय अस्पताल में गंभीर हालत में भर्ती कराया गया। फिर वहां से सेक्टर-128 नोएडा स्थित मैक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों ने पुलिस को बताया कि पिटाई के कारण मल्टीपल इंजरी हुई है। हाथ, पैर, चेहरे, सीने के अलावा सिर में गंभीर चोट आई है। उसे इलाज के लिए आईसीयू में रखा गया है।
वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति के बिना बच्ची को रखा
सीआरपीएफ के सूबेदार की ओर से जो पुलिस को शिकायत दी गई है कि उसके मुताबिक बच्ची को बिना वरिष्ठ अधिकारी की अनुमति के अपने आवास पर रखा गया था। पीड़िता को वह अपने घरेलू कामकाज व बच्चों की देखभाल के लिए लाई थी। छोटी-छोटी बातों पर बच्ची को प्रताड़ित करने के साथ मारपीट की जाती थी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले में बीएनएस की धारा-110 गैर-इरादतन हत्या के प्रयास) की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की है। दोनों आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार करने के बाद कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस की जांच के बाद किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
स्वस्थ होने के बाद दर्ज किए जाएंगे बयान: सीडब्ल्यूसी
बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) गौतमबुद्धनगर के अध्यक्ष केसी विरमानी ने बताया कि मामला संज्ञान में है। बच्ची के साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के संबंध में जांच रिपोर्ट मांगी है। टीम हॉस्पिटल भी गई थी। अगर बच्ची को दूसरी जगह शिफ्ट करने की जरूरत हुई तो उस प्रक्रिया को भी अपनाया जाएगा। बच्ची के स्वस्थ होने पर उसके बयान दर्ज किए जाएंगे। बच्ची को सीडब्ल्यूसी का पूरा संरक्षण दिया जाएगा। बच्ची के परिजनों के सूचित कर दिया गया है।
वर्जन
प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी दंपती को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है। -शक्ति मोहन अवस्थी, डीसीपी सेंट्रल नोएडा