सोशल मीडिया पर वीडियो के वायरल होने के बाद जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और पुलिस बृहस्पतिवार सुबह हरकत में आए। डीएम मनीष वर्मा की फटकार के बाद स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक तहरीर इस मामले में कार्रवाई के लिए थाना सेक्टर-126 में डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी सिंह की तरफ से भेजी गई। तहरीर में सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस में एक घटना के अश्लील वीडियो की जानकारी दी गई। इस मामले में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग भी पुलिस से की गई। तहरीर मिलने के बाद पुलिस ने भी सक्रियता दिखाई। शाम तक इस मामले में तीन लोगों की गिरफ्तारी पुलिस ने की। एक आउटसोर्स के कर्मचारी शेर सिंह की सेवा भी सीएमओ ने समाप्त कर दी है।
सीएमओ डॉ. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो में शामिल कर्मचारियों की एक जांच विभागीय स्तर पर भी कराई जा रही है। इसके लिए तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। इसमें डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी सिंह के अलावा डिप्टी सीएमओ डॉ. जैस लाल और फोरेंसिक मेडिसिन एक्सपर्ट जिला अस्पताल डॉ. रिषभ कुमार को रखा गया है। सीएमओ के आदेश के बाद टीम ने अपनी जांच भी शुरू कर दी। दोपहर बाद जांच के लिए टीम पोस्टमार्टम हाउस पहुंची।
13 अगस्त से ही अधिकारियों की जानकारी में था वीडियो
आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि वायरल वीडियो 12 अगस्त को बनाया गया था। 13 अगस्त को यह वीडियो सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों के पास भी पहुंच गया था। इसके बाद भी एक सप्ताह गुजर गया। इस वीडियो पर सीएमओ कार्यालय की तरफ से कोई कार्रवाई नहीं की गई। जब यह वीडियो किसी तरह सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद ही अधिकारी नींद से जागे और इस मामले में कार्रवाई शुरू की। यह सीधे तौर पर अधिकारियों की लापरवाही की तरफ इशारा करता है।
फिर से पोस्टमार्टम हाउस ने लगाया दाग
इसी साल जून में पोस्टमार्टम हाउस ने गौतमबुद्धनगर के जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के ऊपर बदनुमा दाग लगाया था। यहां अचानक से बड़ी संख्या में पहुंची लाशों के चलते अव्यवस्था फैल गई। खराब पड़े डीप फ्रीजर की वजह से लाशों को सड़ने के लिए छोड़ दिया गया। अब इस अय्याशी के अश्लील वीडियो ने दोबारा से जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के ऊपर दाग लगाने का काम किया है।