आरोप- डीलरशिप और बैंक अधिकारियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर वाहन पर लोन दिखाया
(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। अदालत ने बिना किसी लोन पर खरीदी कार को फर्जी तरीके से फाइनेंस्ड दिखाने के मामले में एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को संज्ञेय अपराध माना। थाना सेक्टर-24 पुलिस को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं।
आदेश बदौली बांगर निवासी अतेन्द्र कुमार का आरोप है कि उनके भाई भरत सिंह ने साल 2019 में टोयोटा इनोवा क्रिस्टा कार खरीदी थी। कार को एकसाथ नकद देकर खरीदा गया था। उस पर कोई भी लोन या हाइपोथिकेशन (किसी संपत्ति को गिरवी रखना) नहीं लिया गया। बावजूद संबंधित डीलरशिप और बैंक अधिकारियों ने जाली दस्तावेज तैयार कर वाहन पर लोन दिखाया और रजिस्ट्रेशन में हाइपोथिकेशन चढ़ा दी।जब भरत ने अपनी कार बेचनी चाही, तब उन्हें इस बात का पता चला। इसके बाद प्रस्तावित खरीदार ने सौदा रद्द कर दिया और दो लाख रुपये की टोकन राशि वापस मांगी, जिसे वाहन मालिक को लौटाना पड़ा था। अब मामले में अदालत ने मुकदमा दर्ज करने को कहा है।