-चिकित्सकों का दावा, एक साल में घट जाएगा 100 किलो वजन
-वजन बढ़ने से सांस लेने में हो रही थी तकलीफ
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बढ़ते वजन से परेशान 250 किलो के पुरुष की एम्स में एनास्टोमोसिस गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी हुई। सर्जरी के दो घंटे बाद उसने वॉक किया। डॉक्टरों को उम्मीद है कि अगले एक साल में मरीज का 100 किलो वजन कम हो जाएगा।
बनारस के रहने वाले 31 साल का मरीज रेलवे में अधिकारी है। बचपन से ही उनका वजन धीरे-धीरे बढ़ रहा था। धीरे-धीरे उनका वजन 254 किलो पहुंच गया। इस कारण उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी। इसके अलावा दूसरी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई। इसे देखते हुए एम्स में मरीज की वजन घटाने की सर्जरी (एक एनास्टोमोसिस गैस्ट्रिक बाईपास) करनी पड़ी। सर्जरी के दूसरे दिन बाद ही उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। एम्स में ट्रांसप्लांट और बैरिएट्रिक सर्जरी विभाग के अतिरिक्त प्रोफेसर डॉ. मंजूनाथ मारुति पोल ने बताया कि मरीज का वजन 254 किलो है। उसकी ऊंचाई 182 सेमी और बीएमआई 75.5 है। यह सुपर मोटापे की श्रेणी है। वह पिछले तीन सालों से सख्त आहार और व्यायाम के बाद भी वह अपना वजन कम नहीं कर पाए हैं। ऐसे में सर्जरी का सहारा लेना पड़ा।
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जीवन के लिए जोखिम
मोटापा का यह स्तर जीवन के लिए खतरा बन गया था। इसके कारण कई समस्याएं हो रही थी। सर्जरी के बाद डॉ. सौरभ मित्तल ने पेरिऑपरेटिव रेस्पिरेटरी संबंधी समस्याओं की जांच की। सर्जरी के दौरान डॉ. पुनीत ने एयरवे, रेस्पिरेटरी और एनेस्थेटिक जबकि डॉ. सौरभ अगस्तम ने उनके दिल का ख्याल रखा। डॉक्टरों का कहना है कि मरीजों को डीप वेनस थ्रोम्बोसिस और पल्मोनरी एम्बोलिज्म का उच्च जोखिम है। सर्जरी के दौरान या बाद में दिल का दौरा पड़ सकता था।
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10 साल पहले कम किया था 90 किलो वजन
करीब एक दशक पहले मरीज ने आईईएस परीक्षा के बाद साक्षात्कार से पहले सख्त आहार और व्यायाम कर करीब 90 किलोग्राम वजन कम किया था। लेकिन इसके बाद स्थिति जस की तस हो गई।
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मोटापे से हो सकती हैं यह समस्याएं
- हृदय रोग
- टाइप 2 मधुमेह
- उच्च रक्तचाप
- कैंसर
- जोड़ों का दर्द
- स्लीप एपनिया
- श्वसन समस्याएं
- यूरिनरी स्ट्रेस इनकॉन्टिनेंस