नोएडा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का करीब 97 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कोरोना की दूसरी लहर की वजह से इसका औपचारिक उद्घाटन नहीं हो पाया। 15 जुलाई तक रेलवे ओवर ब्रिज के पहले चरण का कार्य पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। माना जा रहा है कि पहले चरण का निर्माण कार्य पूरा होने के बाद एक्सप्रेसवे का औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा। हालांकि अभी भी मेरठ एक्सप्रेसवे पर छोटे-छोटे कई काम बचे हुए हैं।
नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों के मुताबिक चिपियाना में रेलवे ओवर ब्रिज का निर्माण कार्य जारी है। यहां दो चरणों में निर्माण कार्य पूरा किया जाना है। इसका पहला चरण 15 जुलाई तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। जबकि दिसंबर तक दूसरे चरण का काम पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। हालांकि पहले चरण का काम पूरा होने के बाद एक्सप्रेसवे पूरी तरह से खुल जाएगा।
कई स्थानों पर जमीन की समस्या
मेरठ एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ फुटपाथ और साइकिल ट्रैक का काम होना था। इसका भी अधिकांश काम हो चुका है। लेकिन कई स्थानों पर यह कनेक्ट नहीं हो पाया है। इसकी वजह बताते हुए अधिकारियों का कहना है कि कुछ स्थानों पर किसानों ने विरोध किया है तो कहीं-कहीं यह जमीन ऊंची नीची होने की वजह से जुड़ नहीं पा रही है। नोएडा में छिजारसी कट से हिंडन पुल की ओर आगे बढ़ने के क्रम में भी इसे देखा जा सकता है। इसके अलावा गाजियाबाद में सीआईएसएफ कैंप के आसपास भी इसका काफी काम बचा हुआ है।
एफओबी पर दो लिफ्ट जल्द होेंगे चालू
नोएडा में एक्सपो सेंटर के सामने और छिजारसी कट के सामने दो एफओबी बनाए गए हैं। यहां लिफ्ट लगाने का काम किया जा रहा है। छिजारसी कट वाले एफओबी पर लिफ्ट का काम पूरा हो चुका है। लेकिन इसे शुरू नहीं किया गया है। वहीं एक्सपो सेंटर के सामने वाले एफओबी पर लिफ्ट लगाने का काम 15 दिन में पूरा हो जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने वालों को चार स्थानों पर रोकने की तैयारी
मेरठ एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर एनएचएआई की टीम की नजर रहेगी। इनको चार स्थानों पर रोकने के लिए योजना तैयार की जा रही है। वहां इन पर जुर्माना आदि किया जाएगा। हालांकि अभी इसकी लोकेशन तय नहीं है।