हेडिंग: 123 किसानों को आबादी की जमीन मिलेगी वापस
सबहेड: प्राधिकरण के अधिग्रहण के बाद किसानों ने मुआवजा नहीं उठाने की कही थी बात
30910 वर्गमीटर जमीन पर आबादी के विनियमितीकरण का फैसला
बोर्ड से मुहर लगने के बाद किसान हो जाएंगे जमीन के मालिक
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर के किसानों के लिए खुशखबरी है। नोएडा प्राधिकरण ने 123 किसानों की आबादी की जमीनें वापस लौटाने का फैसला किया है। आबादी विनियमितीकरण के तहत 30910 वर्गमीटर जमीन लौटाई जाएगी। इस जमीन का प्राधिकरण ने अधिग्रहण किया था, लेकिन किसानों ने मुआवजा नहीं उठाया था और जमीनें वापस करने के लिए आवेदन किया था। यहां किसान घर बनाकर रह रहे थे और कई वर्षों से मामला विवादित था। एक तरह से इसे किसानों और ग्रामीणों की जीत मानी जा रही है।
प्राधिकरण के एसीईओ राकेश कुमार मिश्र की अध्यक्षता में बुधवार को सेक्टर-6 में बैठक आयोजित की गई। इसमें ओएसडी राजेश कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में आबादी विनियमितीकरण के 29 मामले सामने लाए गए। इसमें सैकड़ों किसान प्रभावित हो रहे थे। अलग-अलग पांच तहसीलदारों ने अपने-अपने क्षेत्रों के मामलों को बैठक में रखा। 29 मामलों में से 8 मामलों को बाद में देखा जाएगा। इसके अलावा आठ मामले रिजेक्ट कर दिए गए यानी इस पर कोई सुनवाई नहीं की गई। इन मामलों पर आगे भी सुनवाई नहीं होगी। यह नियम के तहत नहीं पाए गए। इसी तरह से 29 प्रकरणों में से 13 प्रकरणों पर फैसला लिया गया। इनमें 123 किसान प्रभावित हो रहे थे। इनको 30910 वर्गमीटर जमीन वापस लौटाने का फैसला किया गया। बुधवार की बैठक में झट्टा, असगरपुर जागीर, सदरपुर, छिजारसी, बादौली बांगर, अगाहपुर, याकूबपुर सहित अन्य गांवों के प्रकरणों पर फैसला लिया गया। अब मामूली औपचारिकताओं के बाद जमीन वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डीएम की अध्यक्षता में गठित होगी कमेटी
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित कमेटी फैसला लेगी। इसके बाद मामले को प्राधिकरण के बोर्ड में ले जाया जाएगा। वहां से मुहर लगने के बाद यह अंतिम तौर पर मान्य हो जाएगा। बताया जा रहा है कि पहले कमेटी का फैसला अंतिम तौर पर मान्य माना जा सकता है, चूंकि यह मूल कमेटी है। इसमें एडीएम (एलए) और एसडीएम भी थे। किसानों की जमीनें वापस होने के बाद अब वह इन जमीनों पर नक्शा पास करा सकते हैं। घर बनाने या अन्य के लिए लोन ले सकते हैं। यहां प्राधिकरण की किसी तरह से दखल नहीं होगा।