हेडिंग: मिनी कनॉट प्लेस सेक्टर-18 बाजार पर संकट
सबहेड: एक के बाद एक गलत फैसलों से डगमगाई सबसे बड़े बाजार की अर्थव्यवस्था
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1000 से ज्यादा शोरूम हैं शॉपिंग हब में संचालित
5000 से ज्यादा छोटे-बड़े ऑफिस भी हैं यहां
20 करोड़ रुपये से ज्यादा सेल टैक्स होता है जमा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शहर का मिनी कनॉट प्लेस कहे जाने वाले सेक्टर-18 बाजार पर संकट मंडराने लगा है। सरकारी तंत्र के एक के बाद एक गलत फैसले कारोबारियों की परेशानी का सबब बन गए हैं। पहले महंगे पार्किंग शुल्क ने इस बाजार की अर्थव्यवस्था को चोट पहुंचाई। इसके बाद री-डेवलपमेंट के नाम पर बाजार को खोदकर रख दिया गया। अब यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर नया प्रयोग किया गया है। हर महीने करीब 200 करोड़ रुपये का कारोबार इस बाजार में होता है। मार्केट एसोसिएशन के दावे को सही माना जाए तो ग्राहकों की कमी से कारोबार में 50 फीसदी तक गिरावट आ गई है।
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ये फैसले बने बाजार की मुसीबत
पार्किंग का दंश बरकरार: साल की शुरुआत में वाहन पार्किंग शुल्क बढ़ने से ग्राहकों ने शॉपिंग हब से मुंह मोड़ना शुरू कर दिया है। इसका सीधा असर कारोबार पर पड़ा। फरवरी और मार्च में कारोबार पर 30 फीसदी मंदी की मार पड़ी। हर घंटे के हिसाब से सड़क पर खड़े वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूले जाने को लेकर विवाद अब भी जारी है। व्यापारियों ने विधायक से लेकर केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा तक से गुहार लगाई, लेकिन राहत नहीं मिली।
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स्वीडन जैसा तो नहीं बना बाजार: बाजार को विदेशों की तर्ज पर विकसित करने के लिए साल 2012-13 में प्राधिकरण के तत्कालीन अधिकारी स्वीडन तक का दौरा कर आए। इसके बाद री-डेवपलमेंट योजना तैयार की गई। अरबों रुपये का बजट बना लेकिन पांच साल बाद भी बाजार के हालात नहीं सुधरे। त्योहारी सीजन से पहले ही पूरे बाजार को खोदकर दिया गया है। इससे बाजार से ग्राहक भी कम होने लगे हैं।
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सुधारने की जगह बिगाड़ी यातायात व्यवस्था: बाजार पर ताजा प्रयोग मंगलवार को किया गया। यातायात व्यवस्था सुधारने के नाम पर चाइना कट को बंद कर दिया गया। व्यापारियों से सुझाव लिए बिना ही ट्रैफिक पुलिस ने मनमानी की और कट बंद होते ही जाम की समस्या गहरा गई। सेक्टर-18 में प्रवेश करने के लिए लंबा चक्कर लोगों को काटना पड़ रहा है। संकरी जगह पर यू-टर्न बना दिए गए हैं, जिनसे अट्टा मार्ग पर जाम की समस्या बढ़ गई है।
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पार्किंग कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप
चाइना कट बंद होने से सेक्टर-18 के व्यापारियों में ही नहीं, बल्कि अट्टा के व्यापारियों में भी रोष है। व्यापारियों का आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने पार्किंग कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए यह कदम उठाया है। बीकानेर के सामने डबल यू-टर्न बनाया जा सकता था। इससे किसी तरह की परेशानी लोगों को नहीं होती, लेकिन यहां यू-टर्न बनता तो बीकानेर के सामने पार्किंग शुल्क वसूली बंद हो जाती। ट्रैफिक पुलिस ने समस्या कम करने की जगह बढ़ा दी है।
ग्राहकों ने मॉल्स का किया रुख
सेक्टर-18 के बाजार में बड़े-बड़े ब्रांड के शोरूम के अलावा नामी रेस्टोरेंट और गारमेंट्स के वे सभी आउटलेट्स हैं जो बड़े मॉल में होते हैं। चारों ओर से मॉल से घिरे इस बाजार पर पार्किंग शुल्क का चाबुक जबसे चला है तबसे ग्राहक बाजार से ज्यादा मॉल का रुख कर रहे हैं, क्योंकि बाजार के मुकाबले मॉल का पार्किंग शुल्क आधा है। अब बाजार की दुर्दशा और कट बंद होने से ग्राहकों की कमी कारोबारियों को काफी खल रही है।
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कारोबारियों का दर्द
गलत निर्णय शहर के सबसे बड़े बाजार को तबाह करने वाले साबित हो रहे हैं। महंगे पार्किंग शुल्क से कारोबार पहले ही चौपट था। अब त्योहारी सीजन से पहले पूरा बाजार खोदकर डाल दिया गया है। बाजार में प्रवेश के रास्ते भी बंद किए जा रहे हैं।
-एसके जैन, अध्यक्ष-सेक्टर-18 मार्केट एसोसिएशन
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करीब छह महीने पहले एसपी ट्रैफिक को मौका मुआयना कराकर बीकानेर के सामने यू-टर्न बनाने का सुझाव दिया गया था। इससे उलट फैसला लिया गया है। चाइना कट बंद करने से जाम की समस्या और बढ़ गई है।
-डॉ. सीबी झा, अध्यक्ष-अट्टा मार्केट ट्रेडर्स वेलफेयर एसोसिएशन