- प्राइवेट बसों में खिड़की वाली सीट सामान्य से भी महंगी
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी।
होली पर दिल्ली-नोएडा से कानपुर, लखनऊ, प्रयागराज, वाराणसी और आजमगढ़ जैसे शहरों के लिए रोडवेज ने अतिरिक्त बसें तो चलाईं लेकिन इनमें ज्यादातर बसें सिटिंग हैं और 90 फीसदी बसें नॉन एसी हैं। एसी और स्लीपर बसें न होने के कारण दूर की यात्रा करने वाले यात्री निजी कंपनियों की बसों से सफर करने को मजबूर हैं, जहां उन्हें ज्यादा किराये की दोहरी मार झेलनी पड़ रही है। उधर, त्योहार नजदीक आ रहा है और दिल्ली आईएसबीटी, जीरो प्वाइंट, परी चौक, ग्रेटर नोएडा समेत दूसरे बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ती जा रही है।
वहीं, दूसरी ओर एक तो निजी बसों का किराया आसमान छू रहा है। सामान्य दिनों के मुकाबले निजी बस संचालक चार गुना अधिक किराया वसूल रहे हैं। ऊपर से खिड़की वाली सीट बुक करने पर भी मुसाफिरों को 100 से 150 रुपये अतिरिक्त किराया देना पड़ रहा है।
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रेलवे स्टेशनों पर भी लगी घर जाने वालों की भीड़
बिलासपुर (संवाद)। दूसरी ओर होली पर इन दिनों रेलवे स्टेशनों पर लोगों की भीड़ लगी हुई है। घर जाने के लिए शनिवार को दनकौर रेलवे स्टेशन पर मुसाफिर घर जाने के लिए ट्रेनों का इंतजार करते रहे। दूसरे शहरों की ओर जाने वाले अधिकांश लोग रात की ट्रेनों से अपने घर को रवाना हुए। ग्रेटर नोएडा, कासना क्षेत्र के इंडस्ट्रियल एरिया में बाहरी कामगारों की संख्या काफी ज्यादा है। यह सभी मंडी श्यामनगर, खेरली, गिरधरपुर, सिरसा और आसपास के गांवों के रहने वाले हैं। जो त्योहार में अपने घर जाने के लिए बेताब दिखे।