पिनगवां/पुन्हाना। थाना पिनगवां के गांव फलेंडी में जमीन के विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो गुटों के लोग आपस में भिड़ गए। इसमें एक गुट की गर्भवती महिला सहित सात लोग घायल हैं। ट्रैक्टर चढ़ाकर महिला समेत तीन लोगों के पैर तोड़ने का आरोप लगा है। दोनों पक्षों के घायलों का शहीद हसन खां मेडिकल कॉलेज नूंह में इलाज चल रहा है।
मात्र तीन किलोमीटर दूर स्थित पिनगवां थाना पुलिस पर एक घंटे देरी से पहुंचने का आरोप लगा है। लोगों ने विरोध में पुन्हाना-बड़कली चौक को जाम करने की कोशिश की। जांच अधिकारी पुलिस के सब इंस्पेक्टर इंद्रजीत सिंह का कहना है कि न तो किसी पक्ष ने दूसरे के खिलाफ शिकायत दी है, न ही लिखित तहरीर मिली है। इसी कारण समाचार लिखे जाने तक मामला दर्ज नहीं हो सका था।
एक पक्ष के आरिफ ने बताया कि खातूनी, रेसी, इकबाल के पैर तोड़ दिए गए। 9 माह की गर्भवती साइना को पांव के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाकर घायल कर दिया गया। जुनैद, अख्तरी, रिसाल आदि को चोटें हैं। उनका कहना है कि उनकी तीन भाइयों की 24 बिस्वा जमीन है। इसे वे लगभग 40 साल से जोतते-बोते आ रहे हैं। बुधवार को आस मोहमद, ईसुब, जुबेर, शकरुल्लाह, अताउल्लाह, यूनुस, ईशा, शाहिब समेत 20 लोग लाठी, डंडे, फरसे व बंदूक लेकर जबरन खेत जोतने के लिए आए। विरोध करने पर मारपीट की।
दूसरे पक्ष के यूसुफ का कहना है कि सिताब और मालेखां दो सगे भाई थे। मालेखां के बेटे जूहरू व मूहरू और सिताब का बेटा आस मोहम्मद है। सिताब उसका दादा लगता है। उसकी करीब 24 बिस्वा यानी पौन एकड़ जमीन जूहरू और मूहरू के लड़कों ने काफी समय से दबा रखी है। कुछ दिन पहले निशानदेही कराने पर जमीन का पता चला। बुधवार को वह और भाई शकरुल्लाह ट्रैक्टर लेकर खेत जोत रहे थे। तभी इकबाल, रफीक, रिसाल, हासम, अलीमुद्दीन, आरिफ, जुनेद, इरशाद, अकरम, तौफीक और महिलाओं सहित करीब 50 लोगों ने दोनों पर हमला बोल दिया। इसमें जुबेर का सिर फोड़ दिया गया। शकरूल्लाह के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाकर घायल कर दिया गया।