बोलीदाता के लिए 30 दिन प्रतिरोपण और 335 दिन रखरखाव के लिए निर्धारित
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने बारापुला फेज-तीन एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना के निर्माण में बाधा बन रहे 87 पेड़ों के प्रतिरोपण की कार्रवाई शुरू कर दी है। विभाग की ओर से पेड़ों के प्रतिरोपण और उनके रखरखाव के लिए निविदा आमंत्रित की गई है। यह कॉरिडोर सराय काले खां से मयूर विहार फेज-1 तक बनाया जा रहा है। एक दशक से यह परियोजना विभिन्न अड़चनों के कारण पूरी नहीं हो पाई है।
पीडब्ल्यूडी के उद्यान प्रभाग-पूर्व की ओर से जारी निविदा के अनुसार इस कार्य की अनुमानित लागत 2.79 लाख रुपये है। सफल बोलीदाता को 365 दिनों में कार्य पूरा करना होगा जिसमें 30 दिन प्रतिरोपण और 335 दिन रखरखाव के लिए निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार ठेकेदारों को विभिन्न प्रकार के बड़े पेड़ों का वैज्ञानिक तरीके से प्रतिरोपण करना होगा ताकि उनकी जीवित रहने की संभावना अधिक रहे। इसमें खुदाई, जड़ों की सुरक्षा, पेड़ को उठाकर नई जगह रोपना, खाद, जैव उर्वरक व हार्मोन का उपयोग, सिंचाई और नियमित देखभाल शामिल होगी।
333 पेड़ों में से 85 काटे जाएंगे
अधिकारियों ने बताया कि परियोजना में 333 पेड़ बाधा बने हुए हैं। पीडब्ल्यूडी और वन विभाग ने संयुक्त सर्वे कर पेड़ों का मूल्यांकन किया है। इसमें पेड़ों की संख्या, प्रजाति और स्थान का ब्योरा लिया गया। रिपोर्ट के अनुसार सेंट्रल फॉरेस्ट डिवीजन में कुल 155 पेड़ हैं। इनमें से 10 पेड़ों को काटना होगा, 34 का प्रत्यारोपण किया जाएगा व 111 को सुरक्षित रखा जाएगा। वहीं, साउथ फॉरेस्ट डिवीजन में कुल 178 पेड़ हैं। इनमें से 75 को काटना पड़ेगा, 53 का प्रत्यारोपण होगा और 50 को बचाया जाएगा। कुल 333 पेड़ों में से 85 काटे जाएंगे, 87 का प्रत्यारोपण होगा और 161 को संरक्षित रखा जाएगा। कई पेड़ों को सिर्फ हल्की छंटाई की जरूरत होगी।