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Noida News: जिले में 8.56 लाख लाभार्थियों को नहीं मिल पाया राशन

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-सर्वर डाउन होने से आई समस्या, ईरान-इस्राइल युद्ध से घरेलू गैस सिलिंडरों की भी किल्लत
-अब नई समस्या से उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही दिक्कतें
जिले के करीब 80 फीसदी लोग सरकारी राशन पर है निर्भर



राहुल राज

पलवल। जिले के लोगों को इन दिनों दोहरी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर ईरान-इजरायल युद्ध के चलते घरेलू गैस सिलेंडरों की किल्लत बनी हुई है, वहीं दूसरी ओर सरकारी राशन का वितरण भी प्रभावित है। ऐसे में गैस और राशन दोनों की समस्या से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तकनीकी खामियों के कारण सरकारी राशन वितरण व्यवस्था प्रभावित गई है।
बताते चलें कि राशन वितरण महीने की एक तारीख से शुरू हो जाता है। लेकिन सर्वर डाउन होने की समस्या के चलते इस माह 13 तारीख तक जिले के करीब 8 लाख 56 हजार 405 लाभार्थियों को अभी तक राशन नहीं मिल पाया है। जिले के करीब 80 फीसदी आबादी सरकारी राशन व्यवस्था पर निर्भर हैं। ऐसे में वितरण बाधित होने से गरीब और जरूरतमंद परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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जिले के 8.56 लाख उपभोक्ता प्रभावित :


जिले में कुल 441 राशन डिपो संचालित हैं, जहां से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत लोगों को राशन उपलब्ध कराया जाता है। इनमें हसनपुर में 55, हथीन में 130, होडल में 52 और पलवल शहर में 204 राशन डिपो शामिल हैं। इन डिपो के माध्यम से जिले के 1 लाख 99 हजार 253 राशन कार्ड धारकों को राशन उपलब्ध कराया जाता है। जिससे जिले के कुल 8 लाख 56 हजार 405 उपभोक्ताओं को राशन मिलता है।

राशन डिपो के चक्कर लगाने पर मजबूर उपभोक्ता :

सरकारी आंकड़े के अनुसार जिले में अंत्योदय अन्न योजना के तहत 12 हजार 91 कार्ड धारक हैं, जिनसे जुड़े 35 हजार 81 उपभोक्ता लाभान्वित होते हैं। वहीं बीपीएल श्रेणी के 1 लाख 87 हजार 162 कार्ड धारक हैं, जिनके माध्यम से करीब 8 लाख 21 हजार 324 उपभोक्ताओं को राशन मिलता है। सर्वर बंद होने के कारण इन सभी लाभार्थियों को मार्च महीने का राशन नहीं मिल सका है। राशन वितरण ठप होने के कारण लाभार्थियों को बार-बार राशन डिपो के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। डिपो संचालक भी तकनीकी समस्या का हवाला देकर लाभार्थियों को इंतजार करने के लिए मजबूर हैं। आमतौर पर हर महीने 1 से 3 तारीख के बीच राशन वितरण पूरा हो जाता था, लेकिन इस बार 13 मार्च तक भी वितरण शुरू नहीं हो सका है।

पुरानी हो गई हैं बायोमैट्रिक मशीनें


गौरतलब है कि हरियाणा में राशन वितरण के लिए इस्तेमाल हो रही बायोमैट्रिक मशीनें पुरानी हो चुकी हैं और 2जी नेटवर्क पर आधारित हैं। राशन डिपो इन मशीनों के जरिए काम करते हैं। डिपो संचालकों का कहना है कि धीमी नेटवर्क स्पीड और सॉफ्टवेयर अपडेट की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसके चलते अक्सर मशीनें काम करना बंद कर देती हैं।



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क्या कहते है लोग



पिछले कई दिनों से राशन लेने के लिए डिपो के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन हर बार सर्वर डाउन होने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। घर में राशन खत्म होने की कगार पर है, जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है।
– जितेंद्र, लाभार्थी

सर्वर लगातार डाउन होने के कारण मशीनें काम नहीं कर रही हैं, इसलिए राशन नहीं मिल पा रहा है। कई बार चक्कर काट चुके है। हर बार कहा जाता है 2-3 दिन में सर्वर ठीक हो जाएगा।
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- फुल सिंह, लाभार्थी
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तकनीकी खराबी के कारण राशन वितरण में परेशानी हो रही है। समस्या को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही तकनीकी खामी दूर कर राशन वितरण की प्रक्रिया को सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।-
- महेश, सहायक खाद्य आपूर्ति अधिकारी




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