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जेल में रची गई थी लूट की साजिश : डीएसपी

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जेल में रची गई थी लूट की साजिश : डीएसपी
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नूंह। फिरोजपुर झिरका में एक करोड़ 30 लाख रुपये के 260 एसी से भरे एक कैंटर की लूट के मामले में पकड़े गए आरोपियों की पुलिस रिमांड पूरी हो गई है। इस मामले में पकड़े गए दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। आरोपियों ने पुलिस पूछताछ के दौरान कई गंभीर खुलासा किए हैं। इस संबंध में पत्रकारों से बातचीत में डीएसपी ममता खरब ने बताया कि आरोपी करतार की दोस्ती दूसरे आरोपी जैकम के बड़े भाई जमशेद के साथ भोंडसी जेल में हुई थी। जमशेद के माध्यम से ही जैकम तथा करतार की पहचान हुई थी। इस लूट की योजना जेल में ही बनाई गई थी जिसे करतार के जेल से बाहर आने के बाद अंजाम दिया गया। लेकिन पुलिस की मुस्तैदी की वजह से दोनों हरियाणा-राजस्थान के फिरोजपुर झिरका में बोर्डर से आगे नहीं भाग पाए। इतना ही नहीं आरोपी करतार पहले भी लूट की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है, जिनमें से एक मामले में वह 14 साल की जेल की सजा भी काट चुका है। इस वारदात के बाद एक बार फिर से जेल में कैदियों द्वारा साजिशें रचने की बात का खुलासा हुआ है। उन्होंने बताया कि इस दौरान जेल में फोन के प्रयोग से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
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24 मार्च की शाम को हुई इस वारदात में पुलिस ने ड्राइवर की शिकायत पर केस दर्ज कर पूरे इलाके में इसकी सूचना दे दी थी। अगले दिन जैसे ही आरोपियों ने गाड़ी को राजस्थान की सीमा में घुसाने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें तुरंत दबोच लिया। आरोपितों से 260 एसी के अलावा 1 कट्टा और 1 जिंदा कारतूस भी बरामद हुआ है। डीएसपी ने बताया कि रिमांड के दौरान पूछताछ में करतार के खिलाफ थाना बावल में एक चोरी का केस तथा झज्जर थाना में एक लूट व हत्या का केस दर्ज मिला। उक्त केस में करतार की 14 साल की सजा हो चुकी है तथा वह सजा पूरी करने के बाद दिसंबर 2018 में ही जेल से बाहर आया है। जैकम के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं मिला। लेकिन जैकम का बड़ा भाई जमशेद लूट के एक केस में भोंडसी जेल में बंद है। करतार की जेल में जमशेद के साथ दोस्ती हो गई। इसी दौरान उसकी मुलाकात जमशेद के भाई जैकम से हुई तथा दोनों ने लूट की साजिश रची।
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