हेडिंग: श्रमिक-मालिक विवाद हुआ तो ठेकेदार होंगे जिम्मेदार
चीन की कंपनी में हंगामे मामले में प्रशासन की सख्ती, रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी पुख्ता
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। पिछले सप्ताह सेक्टर-63 में मोबाइल असेंबल करने वाली चाइनीज कंपनी में हुए हंगामे को प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। इस मामले को नोएडा एंटरप्रिनियोर्स एसोसिएशन (एनईए) पदाधिकारियों ने डीएम के समक्ष उठाया है। प्रशासन की तरफ से सख्त हिदायत दी गई कि यदि औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक-मालिक के बीच कोई विवाद होता है तो इसके लिए ठेकेदार को जिम्मेदार माना जाएगा।
दरअसल, बड़ी कंपनियों में श्रमिकों की संख्या ज्यादा होती है। ऐसे में यहां ठेकेदारों की भूमिका अहम हो जाती है। जिस कंपनी में हंगामा हुआ, वहां के प्रबंधन ने 15-20 दिन पहले ही ठेकेदार को कुछ समय के लिए श्रमिकों की संख्या कम करने के लिए कहा था, लेकिन ठेकेदार ने इस पर ध्यान नहीं दिया। अचानक निकाले गए कर्मचारियों की सूची जारी कर दी गई, जिससे बौखलाये कर्मचारियों ने हंगामा कर दिया था।
एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि इस घटना से नोएडा की छवि को झटका लगा है। नोएडा ही नहीं ग्रेटर नोएडा में अधिकांश ऐसी कंपनियां हैं जो ठेकेदारों के माध्यम से श्रमिक रखती हैं। कंपनी प्रबंधन से श्रमिकों का सीधा संवाद न होने का फायदा ठेकेदार उठाते हैं। भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसको ध्यान में रख एनईए प्रतिनिधियों ने डीएम बीएन सिंह के समक्ष मामले को उठाया है जिसके बाद प्रशासन की ओर से श्रम विभाग को भी हिदायत दी गई है कि ठेकेदारों की जांच पड़ताल के बाद ही लाइसेंस जारी किए जाएं।
डीएम ने ली बैठक
रविवार को डीएम बीएन सिंह ने पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेते हुए औद्योगिक सुरक्षा की समीक्षा की। इस दौरान मल्टीनेशनल इकाइयों के अलावा अन्य उद्योग प्रतिनिधियों से श्रम विभाग व पुलिस को समन्वय बनाने के लिए कहा गया। उन्होंने कहा कि अपराध को लेकर सरकार सख्त है जहां भी अपराध होता है, उसकी सूचना पुलिस-प्रशासन को दी जाए। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।