‘लीज रेंट के नाम पर उद्योगों से धोखा’
- उद्यमियों ने नोएडा प्राधिकरण पर लगाए आरोप, 4 अक्तूबर को करेंगे आंदोलन
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। नोएडा को बसाने वाले उद्यमी प्राधिकरण की मनमानी के खिलाफ सड़क पर उतरेंगे। 4 अक्तूबर को होने वाले आंदोलन में उद्यमी ही नहीं बल्कि हजारों श्रमिक भी हिस्सा लेंगे। सोमवार को सेक्टर-6 स्थित एनईए भवन में हुई अहम बैठक के दौरान प्राधिकरण को घेरने की रणनीति बनाई गई।
बैठक के दौरान उद्यमियों ने लीज रेंट के नाम पर प्राधिकरण की मनमानी को उद्यमियों के साथ धोखा बताया। बैठक के दौरान एनईए अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया कि नियमानुसार 11 वर्ष का लीज रेंट वसूला जाना चाहिए, लेकिन नोएडा प्राधिकरण 15 वर्ष का लीज रेंट जमा कराता है। प्राधिकरण अपने मन मुताबिक एकमुश्त लीज रेंट योजना को कभी भी बंद कर देता है और कभी भी इसे शुरू कर दिया जाता है। 99 साल की लीज का प्रावधान हर जगह है, लेकिन नोएडा प्राधिकरण ने इसे घटाकर 90 साल कर दिया। उन्होंने कहा कि शहर के उद्यमी, व्यापारी और यहां रहने वाले लोग प्राधिकरण की ज्यादतियों से तंग आ चुके हैं। शहरवासियों को अब प्राधिकरण से मुक्ति चाहिए या ऐसे बोर्ड का गठन किया जाए जिसमें चेयरमैन मुख्यमंत्री हो और सांसद, विधायक के साथ उद्यमी, व्यापारी, निवासी और किसान सदस्य हों।
बैठक में मौजूद उद्यमियों उद्यमियों ने इस मांग का समर्थन करते हुए हजारों की संख्या में श्रमिकों के साथ 4 अक्तूबर को संदीप पेपर मिल पर एकत्रित होकर प्राधिकरण के प्रशासनिक कार्यालय के घेराव का ऐलान किया। इस आंदोलन में शहर के सामाजिक, धार्मिक व अन्य संगठन भी अहम भूमिका निभाएंगे। बैठक में एनईए महासचिव वीके सेठ, राकेश कोहली, सुधीर श्रीवास्तव, पियूष मंगला, शरद चंद्र जैन, नीरू शर्मा, प्रवीण खरबंदा, वीपी कत्याल, आरएम जिंदल, तमनजीत सिंह, नरेंद्र सचदेवा, राजेश गुप्ता, पवन जैन, सुभाष सिंघल, वूरण खंडूजा, अनूभ भंडारी, साजिश अली खान सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।