फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राज्य जीएसटी विभाग के रडार पर 7465 कारोबारी

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा (योगेश शर्मा)। कोरोना संकट के बीच कारोबारियों को आर्थिक बोझ से राहत देने के लिए सरकार ने कई तरह की रियायतें दीं। अब हालात सामान्य होने लगे हैं, इसके बावजूद रिटर्न दाखिल करने में लापरवाही बरती जा रही है। राज्य जीएसटी विभाग ने ऐसे 7465 कारोबारियों की सूची तैयार की है, जिन्होंने छह माह से रिटर्न दाखिल नहीं की है। सख्ती बरतते हुए ऐसे कारोबारियों पर 50 हजार रुपये जुर्माना लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन

इन्हें डिफाल्टर घोषित कर पंजीयन निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू होगी। दो महीने से अधिक तक लॉकडाउन रहा। कारोबार में जबरदस्त गिरावट आने पर सरकार ने भी कुछ समय के लिए अलग-अलग तरह की टैक्स रिटर्न में कारोबारियों को रियायतें दीं। अब वित्त वर्ष समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। बाजार की स्थिति में भी सुधार आया है।
इसके बाद भी कारोबारी जीएसटी रिटर्न दाखिल नहीं कर रहे हैं। ऐसे कारोबारियों से निपटने के लिए विभाग ने भी अब सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। विभाग के 53 अधिकारियों की टीम सक्रिय हो गई है। धारा 46 के तहत नोटिस जारी कर 15 दिन का समय रिटर्न दाखिल करने के लिए दिया जा रहा है। तय समय में रिटर्न दाखिल न करने पर असेसमेंट की कार्रवाई का नोटिस दिया जा रहा है जिसमें एक महीने का समय दिया जाता है।
विज्ञापन

67,521 नोटिस जारी
राज्य जीएसटी विभाग ने अप्रैल से दिसंबर 2020 के बीच 67,521 कारोबारियों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा नोटिस दो से तीन माह में जारी हुए हैं। राज्य जीएसटी विभाग का डंडा चलने से कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है। अधिकारियों ने बताया कि नोटिस जारी होने पर 62,113 कारोबारियों ने रिटर्न दाखिल की है। नोटिस के बाद रिटर्न दाखिल करने वाले 2,057 कारोबारी संदेह के घेरे में हैं।
ऐसे में इनकी भी जांच शुरू की गई है। इसके अलावा 5,408 को मिलाकर कुल 7,465 कारोबारियों पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसमें छह माह से अधिक समय तक रिटर्न न भरने पर 50 हजार रुपये जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है।
जीएसटी रिटर्न भरने में लापरवाही बरत रहे कारोबारियों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। जुर्माना भी लगाया जा रहा है। रिटर्न भरने वालों का आंकड़ा बढ़ा है। छह महीने से ज्यादा समय से रिटर्न न भरने वालों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। - सीबी सिंह, एडिशनल कमिश्नर-राज्य जीएसटी
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें