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राष्ट्रीय अनूसूचित आयोग से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग

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राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग से आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग
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कुकर्म मामले में 10 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से बाहर आरोपी
- पीड़ित की मां ने पुलिस पर लगाया आरोपियों को बचाने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
तावडू। युवक से कुकर्म मामले में पुलिस द्वारा मामला दर्ज किए जाने के 10 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज पीड़ित परिवार ने राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग से फरियाद लगाई है। पीड़ित परिवार ने आयोग को भेजे गए पत्र में पुलिस पर आरोपियों के बचाव करने का आरोप भी लगाया है।
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पीड़ित की मां द्वारा राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग को भेजी गई शिकायत में बताया गया है कि गत 2 नवंबर को उसका बेटा गांव से अपनी बुआ के लड़के से मिलने के लिए नूंह खंड के एक गांव जा रहा था। इसी दौरान जब वह गांव मेवली थाना नूंह के पास पहुंचा तो चार आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और नाम व जाति पूछने पर उसके साथ मारपीट व जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे एक कोठरे में बंद कर दिया। यहां पर दो आरोपियों ने उसके सिर के बाल काट दिए और दो अन्य ने उसके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी हरकत को अंजाम दिया। घटना को लेकर आरोपी वकील व तौफीक सहित दो अन्य के खिलाफ गत 9 नवंबर को आकेड़ा पुलिस चौकी नूंह में केस दर्ज कराया। लेकिन आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। महिला ने पत्र में पुलिस के ढुलमुल रवैये को निशाना बनाते हुए आरोप लगाया है कि पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार करने के बजाए उन्हें बचाने की कोशिश कर रही है। पीड़ित की मां का कहना है कि घटना के बाद से उसका बेटा सदमे में है। वह शारीरिक व मानसिक पीड़ा से गुजर रहा है। पीड़ित के साथ अगर किसी तरह की अनहोनी होती है तो पुलिस स्वयं जिम्मेवार होगी। ज्ञात हो कि तावडू उपमंडल के एक गांव के युवक के साथ नूंह उपमंडल के चार आरोपियों द्वारा मारपीट व बंधक बनाकर कुकर्म करने और उसकी विडियो वायरल करने की घटना को अंजाम दिया था।
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