यमुना प्राधिकरण बोर्ड बैठक में दी गई जानकारी, दो साल में केवल 418 रजिस्ट्री ही कर सके बिल्डर
6828 संपत्तियों की रजिस्ट्री होनी थी इन लंबित प्रोजेक्ट में
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। यमुना प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लीगेसी स्टॉल्ड प्रोजेक्ट का मुद्दा भी उठा। अधिकारियों ने बोर्ड के चेयरमैन प्रमुख सचिव आलोक कुमार को बताया कि अमिताभ कांत समिति का लाभ लेने के लिए 11 प्रोजेक्ट पंजीकृत हुए। इनमें से दो के प्रकरण कोर्ट में विचाराधीन हैं। केवल सात ने ही अभी तक 25 फीसदी बकाया जमा कर रजिस्ट्री शुरू कराई हैं।
बोर्ड के सामने ही रखे गए आंकड़ों के मुताबिक अभी तक बिल्डर्स ने 402.50 करोड़ रुपये जमा किए हैं। वहीं, इस साल 935.96 करोड़ रुपये जमा होने की उम्मीद प्राधिकरण को है। इन लंबित प्रोजेक्टों में 6828 संपत्तियों की रजिस्ट्री होनी है। इनमें से अभी तक 418 संपत्तियों की ही रजिस्ट्री कराई जा चुकी है। यह उस समय है जबकि बकाया के लिए गणना फरवरी 2024 में प्राधिकरण कर चुका है। बैठक में यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह के अलावा एसीईओ शैलेंद्र भाटिया, नागेंद्र प्रताप सिंह, राजेश कुमार और ग्रेनो प्राधिकरण के एसीईओ सुनील कुमार सिंह व अन्य अधिकारी शामिल हुए।
मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूल को मिली एक रुपये में जमीन
बोर्ड ने यमुना सिटी में बनने जा रहे मुख्यमंत्री माॅडल कंपोजिट स्कूल के लिए छह एकड़ जमीन आवंटित की है। यह जमीन प्राधिकरण एक रुपये प्रति वर्गमीटर के प्रीमियम पर देगा। यहां प्री-प्राइमरी से 12वीं तक की पढ़ाई हो सकेगी। यह भूखंड किसी अन्य संस्था को ट्रांसफर नहीं किया जा सकेगा। इसका भू-उपयोग भी नहीं बदला जा सकेगा।
ओटीएस की नहीं बढ़ी तारीख
बोर्ड में बताया गया कि ओटीएस में अभी तक 117 आवेदन आए हैं। इसकी अंतिम तिथि 28 फरवरी है। इससे पहले सात बार ओटीएस लागू हो चुकी है। ऐसे में बोर्ड ने यह तय किया है कि 28 फरवरी तक जो भी आवेदन आएं। उन पर विचार कर लिया जाए। इसके बाद के आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा। ओटीएस की तारीख बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं हुआ है।
जेपी इंफ्राटेक से मिले 77 करोड़ रुपये
बोर्ड को बताया गया कि 20 जनवरी तक मुआवजा के तौर पर किसानों को 2986.31 करोड़ रुपये बांटे जा चुके हैं। इसमें पिछले दिनों जेपी इंफ्राटेक के लिए सुरक्षा समूह द्वारा मिर्जापुर एलएफडी के लिए जमा 77 करोड़ रुपये जमा किया जाना भी शामिल है। यह पैसा किसानों को बांटा जा रहा है।