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कैंसर पीड़ित बुजुर्ग की एफडी तोड़ सात लाख निकाले

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मनोज कांति घोष।
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कैंसर पीड़ित बुजुर्ग की एफडी तोड़ सात लाख निकाले
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नोएडा। साइबर ठग ने कैंसर पीड़ित बुजुर्ग की एफडी तोड़ सात लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित बुजुर्ग 6 घंटे तक बैंक के कस्टमर केयर पर कॉल लगाते रहे लेकिन कोई मदद नहीं मिली। बाद में एक रिश्तेदार से इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड बदलवाया, तब जाकर रुपयों की निकासी बंद हुई। पीड़ित ने बैंक और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।
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नोएडा के सेक्टर-33 निवासी मनोज कांति घोष (79) कैंसर से पीड़ित हैं। उनका बेटा परिवार के साथ यूएसए में रहता है। बुजुर्ग एक निजी कंपनी के निदेशक रह चुके हैं। उन्होंने अपने इलाज के लिए खाते से लिंक करते हुए 12 लाख रुपये की एफडी करा रखी थी। जरूरत के समय पैसा निकालने के लिए इंटरनेट बैंकिंग सेवा भी ली हुई थी। एक व्यक्ति खुद को सेक्टर-56 स्थित एसबीआई का अफसर बताकर अक्सर उन्हें फोन करता था। अपना नाम केएस गुप्ता बताने वाला शख्स कई बार उन्हें धोखेबाजों से सावधान रहने की बात कह चुका था। सात जुलाई को दोपहर करीब तीन बजे उसने बुजुर्ग को फोन कर बताया कि उनके खाते में आधार लिंक नहीं है। पैसा फंसने का डर दिखाते हुए आधार अपडेट कराने को कहा। शाम सात बजे फिर फोन आया तो बुजुर्ग को लगा कि बैंक कर्मी उनकी मदद करना चाहता है। उन्होंने आरोपी को आधार कार्ड की डिटेल दे दी। उसने व्हाट्सएप पर बुजुर्ग को एक लिंक भेजा और कहा कि वह नहीं चाहता कि आपकी सूचनाएं उसके पास तक आएं। इसलिए आप स्वयं लिंक ओपन कर उसमें ओटीपी डाल दें। बुजुर्ग ने लिंक ओपन किया तब उनके खाते में 19 हजार रुपये थे। चंद सेकेंड में और रुपये आने लगे। बुजुर्ग ने पूछा कि यह पैसे उनके खाते में कैसे आ रहे हैं तो आरोपी ने बैंक की प्रक्रिया बताई। जब 12 लाख रुपये खाते में आ गए और उसमें से अलग-अलग तीन खातों में 25-25 हजार रुपये निकलने शुरू हुए तो वह चकराए। उन्होंने बैंक कस्टमर केयर पर शिकायत करने का प्रयास किया लेकिन 6 घंटे तक कोई जवाब नहीं मिला। बाद में एक रिश्तेदार को फोन कर इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड बदलवाया तब रुपये निकलने बंद हुए। करीब 25 बार उनके खाते से निकासी की गई।
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