कमेटी के अध्यक्ष आनंद भाटी ने बताया कि इस बार रामलीला में पारंपरिक परदों की जगह एलईडी स्क्रीन और ग्राफिक्स का इस्तेमाल किया जाएगा। महोत्सव में हस्तशिल्प के स्टॉल और बड़े झूले भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे। दशहरा पर 65 फीट के रावण, 60 फीट के कुंभकरण और 55 फीट के मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरूआत गणेश पूजन और शिव-पार्वती विवाह के मंचन से होगी। इसके बाद राम जन्म, सीता स्वयंवर, राम वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण, बाली वध, लंका दहन और राम-रावण युद्ध जैसे प्रसंगों का मंचन किया जाएगा।