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पांच स्पेशल ट्रेनों से 6200 कामगार परिवार समेत लौटे बिहार

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पांच स्पेशल ट्रेनों से 6200 कामगार परिवार समेत लौटे बिहार
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दादरी/दनकौर/ग्रेटर नोएडा। सपनों के शहर में उम्मीदें लेकर आए लगभग 6200 कामगार परिवार समेत शनिवार को बिहार लौट गए। सरकार और प्रशासन के प्रयास से दादरी और दनकौर रेलवे स्टेशन से बिहार के औरंगाबाद, सासाराम (रोहतास), बक्सर और सिवान के लिए पांच स्पेशल ट्रेनों को पुलिस आयुक्त आलोक सिंह और जिलाधिकारी सुहास एलवाई ने रवाना किया। प्रत्येक ट्रेन में लगभग 13 सौ से 1524 यात्रियों को भेजने की व्यवस्था की गई थी, लेकिन समय पर कम यात्री पहुंचने से सभी ट्रेनों को देरी से रवाना करना पड़ा। इसके बावजूद दोनों स्टेशन से पहली दो ट्रेनें एक हजार से कम यात्रियों को लेकर रवाना हुईं। सभी यात्रियों के लिए भोजन-पानी आदि का बंदोबस्त कराया गया।
सरकार और रेल मंत्रालय के निर्देश पर जिला प्रशासन ने दादरी से सुबह 11 बजे औरंगाबाद, दनकौर से दोपहर 12 बजे बक्सर, दादरी से दोपहर 3 बजे सासाराम और दनकौर से शाम 4 बजे सिवान के लिए स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की थीं। इन ट्रेनों में घर जाने वाले प्रवासियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था और प्रशासन की ओर से भेजे जाने वाले मैसेज को रेल का टिकट माना गया था। यात्रियों को निर्धारित समय से दो घंटे पहले पहुंचना था। शनिवार को दिन निकलते ही बिहार निवासी प्रवासी मजदूर परिजनों को लेकर दादरी व दनकौर रेलवे स्टेशन पर पहुंचना शुरू हो गए। पुलिस-प्रशासन ने यात्रियों को घर भेजने के लिए दोनों स्टेशनों पर कड़े बंदोबस्त किए थे। इसके तहत यात्रियों को सामाजिक दूरी का पालन करते हुए कतार में चेकिंग आदि करानी थी। इसके बाद उन्हें ट्रेन में एक सीट छोड़कर बैठते हुए भी सामाजिक दूरी का पालन करना था।
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दादरी में समय से कई घंटे पूर्व पहुंचे यात्रियों को स्टेशन से एक किमी दूर रोक दिया गया। सुबह साढ़े आठ बजे कतार बनाकर उन्हें स्टेशन ले जाया गया। वहीं, ट्रेन चलने के निर्धारित समय सुबह 11 बजे के बाद भी पूरे यात्री नहीं पहुंचे थे। इस कारण अफसरों को मजदूरों के आने का इंतजार करना पड़ा। तब तक दूसरी ट्रेन में सवार होने के लिए भी मजदूर आना शुरू हो गए। उन्हें अस्थायी टेंट लगाकर रोका गया। इस दौरान सामाजिक दूरी का उल्लंघन नजर आया। दनकौर में भी पहली ट्रेन के दौरान इसी तरह की अव्यवस्था देखने को मिली। वहीं, दूसरी ट्रेन से जाने के लिए निर्धारित से डेढ़ गुना अधिक यात्री पहुंच गए। इस दौरान आरएएफ को बुलाना पड़ा। भीड़ के कारण डीएम और पुलिस आयुक्त की गाड़ी कुछ देर के लिए फंस गई थी। पांचवीं ट्रेन रात 11:30 बजे दादरी स्टेशन से 773 मजदूरों को लेकर दनकौर पहुंची। यहां करीब 700 लोगों को बैठाया गया। इसके बाद ट्रेन कटिहार के लिए रवाना हो गई।
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