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एलर्जी

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अस्पतालों में बढ़ी एलर्जी के मरीजों की संख्या
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सर्दियों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह, कई बार गंभीर हो जाती है समस्या
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सर्दी में एलर्जी से जुड़े रोगियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। सेक्टर-30 जिला अस्पताल में वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. संतराम ने बताया कि सर्दियों में विभिन्न प्रकार की एलर्जी होना आम बात है। ऐसे में विशेष ख्याल रखने की जरूरत है। जेपी अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन स्पेशलिस्ट डॉ. आर एस के सिन्हा ने बताया कि कई बार सर्दी से होने वाली यह एलर्जी बहुत गंभीर हो जाती है। हल्की सर्दी में प्रदूषक हवा में बने रहते हैं और कई तरह की एलर्जी का कारण बन जाते हैं। सर्दियों में एलर्जी और सर्दी जुकाम को समझना मुश्किल हो सकता है। दोनों के लक्षण कई बार एक जैसे होते हैं ।

सर्दियों में आमतौर पर होने वाली एलर्जी
त्वचा : सर्दियों में त्वचा की एलर्जी आम है। एक्जिमा, एटोपिक डर्मेटाइटिस और कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस जैसी एलर्जी में त्वचा पर खुजली और लाल रेशे हो जाते हैं।
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सांस : छाती में जकड़न, घरघराहट, सांस लेने में परेशानी और खांसी यह सभी सांस की एलर्जी के लक्षण हैं। सर्दियों में लोग ज्यादातर समय घर के अंदर बिताते हैं। ऐसे में एलर्जन के संपर्क में आने की संभावना बढ़ जाती है।
पालतू जानवर : बहुत से लोगों को जानवरों के रोए से नहीं बल्कि उनके बालों, लार और यूरीन से एलर्जी होती है। सर्दियों में इसकी संभावना बढ़ जाती है। इस मौसम में पालतू जानवर भी घर में ज्यादा समय बिताते हैं।
कंजक्टिवाइटिस : आंखों का लाल होना, खुजली आदि कंजक्टिवाइटिस के लक्षण हैं। एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस संक्रामक नहीं होता। यह सर्दियों में होने वाली एक तरह की एलर्जी है, जिसके साथ खांसी और नाक बहना भी आम लक्षण है।
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एलर्जिक शाइनर : एलर्जिक शाइनर एक तरह की एलर्जी है जिसमें आंखों के आसपास डार्क सर्कल हो जाते हैं। साइनस के पास खून का प्रवाह बढ़ जाता है। यह एलर्जिक कंजक्टिवाइटिस का कारण भी बन सकती हैं।

एलर्जन से कैसे बचें
कारपेट का इस्तेमाल न करें या अच्छी तरह साफ कर ही प्रयोग करें। जानवरों के रोएं, धूल आदि कारपेट या कालीन में फंस जाते हैं।
पालतू जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
पालतू जानवर को सप्ताह में एक बार जरूर नहलाएं ।
बिस्तरों को सप्ताह में एक बार गर्म पानी से धोएं।
बाथरूम या किचन को गीला न रहने दें। गीली जगह पर मोल्ड जल्दी पनपता है जो एलर्जी का कारण बन सकता है।
हवा में सूखा पन दूर करने के लिए ह्युमिडीफायर का इस्तेमाल करें। लेकिन ध्यान रखें कि नमी बहुत ज्यादा न बढ़ जाए।
नहाते समय या किचन में खाना पकाते समय एक्जहास्ट फैन चला दें, जो अतिरिक्त नमी और गंध को बाहर फेंक देगा।
यदि आप रूम हीटर का इस्तेमाल कर रहे हें तो इसका फरनेस फिल्टर बदलते रहें,
घर के अंदर कभी धूम्रपान न करें।
सही आहार लें। ग्रीन टी सर्दियों में आपकी सेहत के लिए अच्छी है। खूब पानी पीएं और आराम करें।
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