जिले में पौने सात करोड़ रुपये की लागत से बनेंगे तीन बाल भवन
- जरूरतमंद बच्चों की गतिविधियों को मिलेगी गति
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अमर उजाला ब्यूरो,
नूंह। जिले में बच्चों की गतिविधियों को बढ़ाने की नीयत से जल्द ही तीन बाल भवनों का निर्माण होगा। नूंह, फिरोजपुर झिरका व पिनगवां में बनने वाले इन बाल भवनों पर करीब पौने सात करोड़ रुपये खर्च होंगे। ये बाल भवन बच्चों को दी जाने वाली सभी सुविधाओं से लैस होंगे तथा निराश्रित बच्चों के लिए विशेष गतिविधियों का केंद्र होंगे। उम्मीद है कि अगले एक वर्ष में ये बनकर तैयार हो जाएं।
नूंह जिले में बाल भवनों की स्थिति बहुत खराब है। जिसके कारण यहां संपूर्ण गतिविधियां नहीं हो पाती हैं और स्टाफ से लेकर बच्चों तक को यहां दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन सब बातों को ध्यान में रखते हुए जिला बाल कल्याण अधिकारी विश्वास मलिक ने जिले के बाल भवनों को नया स्वरूप देने के लिए यह योजना बनाई है। जिसे मुख्यमंत्री ने मंजूरी देते हुए काम शुरू कराने का आदेश दिया है।
ये सुविधाएं मिलेंगी -
ये बाल भवन तीन मंजिला होंगे। इनमें बच्चों के लिए क्रेच सेंटर, डे-केयर, प्रारंभिक कक्षाएं, आर्टस् एवं म्यूजिक गैलरी, गरीब बच्चों के लिए सायंकालीन व हॉबी कक्षाएं जैसी सुविधाएं होंगी। वहीं निराश्रित बच्चों की विशेष गतिविधियों का प्रबंध भी होगा। इसके अलावा चिल्ड्रेन होम में अन्य स्थानीय जरूरतमंद बच्चों के लिए सभी सुविधाएं होंगी। इन बिल्डिंगों में छोटे-बड़े 18 कमरे, हॉल आदि होंगे। उम्मीद की जा रही है कि इन भवनों के निर्माण से बाल कल्याण की गतिविधियां रफ्तार पकड़ेंगी। निर्माण का जिम्मा पीडब्ल्यूडी विभाग पर है। जिन्होंने इसके लिए टेंडर छोड़ दिया है। इनके निर्माण पर 6 करोड़ 78 लाख 16 हजार रुपये खर्च होंगे।
हमारी कोशिश है कि जल्द से जल्द ये बिल्डिंग बनकर तैयार हो, ताकि बच्चों के विकास की गतिविधियों को बढ़ाया जा सके। अभी जो बिल्डिंग हैं वो बिल्कुल कंडम हैं। उम्मीद की जा रही है अगले एक वर्ष में ये बिल्डिंग बन तैयार हो जाएं। -विश्वास मलिक, जिला बाल कल्याण अधिकारी
फोटो- जल्द टूटेगा नूंह का ये जर्जर बाल भवन।