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सेक्टर संवाद: मॉल्स की खातिर सेक्टर में पानी की कटौती

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संवाद:

मॉल्स की खातिर सेक्टरों में पानी की कटौती
सेक्टर-20 आरडब्ल्यूए का आरोप, जलापूर्ति के नाम पर प्राधिकरण कर रहा धोखा
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। शायद हर साल नोएडा प्राधिकरण के बजट का सबसे ज्यादा हिस्सा पानी पर खर्च किया जाता है, लेकिन इसके बाद भी पुराने सेक्टरों की प्यास नहीं बुझ रही है। 20 हजार से ज्यादा आबादी वाले सेक्टर-20 में पानी की किल्लत से लोग परेशान हैं। आरडब्ल्यूए का आरोप है कि पानी की आपूर्ति की आड़ में बड़ा घोटाला हो रहा है। रिहायशी सेक्टरों में पानी की कटौती कर मॉल्स में सप्लाई की जा रही है।
सेक्टर-20 में पानी की आपूर्ति के लिए दो भूमिगत जलाशय बनाए गए थे। इन पर ध्यान दिया जाए तो आसपास के सेक्टरों में जल संकट खत्म हो सकता है, लेकिन इन्हें रेनीवेल से जोड़ने की योजना पर आज तक काम नहीं हो पाया। अध्यक्ष रामपाल भाटी व महासचिव सुरेश तिवारी ने बताया कि सेक्टर में 4500 किलो लीटर पानी स्टोर करने की क्षमता है, लेकिन 200 किलोलीटर से ज्यादा पानी की आपूर्ति हो ही नहीं पाती। प्राधिकरण का जल विभाग जलापूर्ति के नाम पर सेक्टर वासियों के साथ धोखा कर रहा है। 25 फीसदी आपूर्ति ही रिहायशी इलाकों में की जा रही है, जबकि 75 फीसदी पानी सेक्टर-18 के मॉल्स को जा रही है। कई बार प्राधिकरण के अफसरों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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बोतलों पर लाखों रुपए खर्च
आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों की मानें तो यदि गंगाजल की आपूर्ति बाधित हो जाए तो सेक्टरवासी बूंद-बूंद पानी को तरस जाते हैं। इन दिनों कुछ ऐसे ही हालात बने हैं। प्राधिकरण आज तक ट्रीटमेंट प्लांट की सुविधा नहीं दे पाया है। नतीजतन, 1000 से 1200 तक टीडीएस पहुंचने से लोगों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ रहा है। पीने और खाना बनाने के लिए हर घर में बोतल बंद पानी की आपूर्ति होती है, जिस पर हर महीने लाखों रुपया सेक्टर वासियों को खर्च करना पड़ रहा है।

न अफसर सुनें, न जनप्रतिनिधि
स्थानीय लोगों के मुताबिक, सेक्टर में पानी के संकट का मुद्दा कई बार नोएडा प्राधिकरण के सीईओ के समक्ष उठाया जा चुका है। हर बार आश्वासन ही मिलता है। स्थानीय विधायक और सांसद से भी शिकायत की गई। न अफसर सुनने को तैयार हैं और न ही जनप्रतिनिधि समस्या पर ध्यान दे रहे हैं।


जल संकट सबसे बड़ा मुद्दा है, लेकिन इस गंभीर समस्या की तरफ किसी का ध्यान नहीं है। लोगों को पानी भी खरीदकर पीना पड़े तो उस शहर के हालात का अंदाजा खुद-ब-खुद लगाया जा सकता है। लोगों की मांग है कि समस्या से जल्द छुटकारा मिले।
रामपाल भाटी, आरडब्ल्यूए अध्यक्ष

जलापूर्ति के नाम पर नोएडा में बड़ा घोटाला हो रहा है। सेक्टर-20 व 19 को मिलने वाला पानी सेक्टर-18 के मॉल्स में जा रहा है। जहां पानी की बर्बादी हो रही है। सेक्टर वासियों को न भरपूर और न ही गुणवत्ता युक्त पानी मिल पा रहा है। इसका फायदा पानी माफिया उठा रहे हैं।
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सुरेश तिवारी, आरडब्ल्यूए महासचिव

सेक्टर पूरी तरह से गंगाजल की आपूर्ति पर निर्भर है। इन दिनों तो गंगाजल की आपूर्ति भी बाधित है। नलकूपों से डायरेक्ट सप्लाई भी सुचारु रूप से नहीं हो पा रही है। पेयजल आपूर्ति में प्राधिकरण पूरी तरह फेल है। इस गंभीर समस्या की ओर ध्यान देने की जरूरत है।
महेंद्र भंडारी, स्थानीय निवासी
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