शहर का सबसे बड़ा बाजार सेक्टर-18 दो हफ्ते से पानी के लिए तरस रहा है। पुनर्विकास कार्य के लिए सड़कों को खोद डाला और पानी की लाइनें भी उखाड़ दी गईं। बाजार में नुकसान की भरपाई करने की बजाय प्राधिकरण का सिविल व जल विभाग एक-दूसरे पर इसकी जिम्मेदारी डाल रहा है। बाजार के व्यापारी पानी के टैंकरों पर निर्भर हैं।
मार्केट एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके जैन ने बताया कि बाजार में धीमी गति से चल रहा पुनर्विकास योजना के तहत कार्य व्यापारियों के लिए सिरदर्द बना हुआ है। सड़काें की खुदाई करते समय पानी की पुरानी लाइनें तक उखाड़ दी गईं। जी ब्लॉक में सबसे ज्यादा जल संकट का सामना लोगों को करना पड़ रहा है। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से की जा चुकी है।
व्यापारी रोजाना 15 से 20 हजार रुपये पानी के टैंकरों पर खर्च कर रहे हैं। प्राधिकरण का जल विभाग और सिविल विभाग आपस में इस बात को लेकर उलझा है कि मरम्मत का काम आखिर कौन कराएगा।
हालांकि, रविवार को प्राधिकरण के अधिकारियों ने दोबारा से पानी की लाइनें डालकर कनेक्शन देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन अब दुकानदारों से पानी के कनेक्शन की रसीद मांगी जा रही है। दशकों पुरानी दुकानों में पानी के कनेक्शन की रसीद अधिकांश दुकानदारों के पास नहीं है।