सड़क मार्ग से आए सीएम हेलीकॉप्टर से हुए रवाना
नोएडा। सैमसंग कंपनी में प्रधानमंत्री के आगमन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क मार्ग से आकर रिहर्सल के रूप में जायजा लिया। उन्होंने सैमसंग कंपनी में करीब 30 मिनट तक अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के साथ वार्ता करते हुए उद्घाटन स्थल तक भ्रमण किया। इसके बाद पदाधिकारियों और जिले के अफसरों के साथ करीब 30 मिनट तक बैठक की और शाम 6:15 बजे पर वह हेलीकाप्टर से रवाना हो गए। हेलीकाप्टर भी उनके साथ 5 बजे ही आ गया था।
इससे पहले सीएम ने मार्ग पर गंभीरता से निरीक्षण करते हुए हुए अपने कुछ सुझाव भी दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पिछली घटना का जिक्र करते हुए साफ किया कि पीएम और राष्ट्रपति के मार्ग में किसी तरह की बाधा उत्पन्न नहीं होनी चाहिए। सड़क मार्ग से लेकर अन्य जगहों पर तेजतर्रार अधिकारी-कर्मचारियों की ही ड्यूटी लगाई जाए, ताकि जिससे किसी तरह का अवरोध न होने पाए। डीएनडी से लेकर सैमसंग कंपनी तक जो भी कट हैं उन पर बेरिकेड और पर्याप्त संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया जाए। अगर प्रधानमंत्री के काफिले में किसी तरह की लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारी-कर्मचारी को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। पीएम सोमवार को डीएनडी से एक्सप्रेसवे होते हुए सेक्टर-93 पहुंचेंगे और वहां से फेज-दो स्थित सैमसंग कंपनी में प्रवेश करेंगे।
इसके बाद डीएम बीएन सिंह और एसएसपी ने सुरक्षा समेत पूरी कार्य योजना सीएम के समक्ष रखी गई जिससे वह संतुष्ट नजर आए। इस दौरान प्रदेश के उद्योग मंत्री सतीश महाना, केंद्रीय मंत्री डॉ. महेश शर्मा, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधायक तेजपाल सिंह, जेवर विधायक ठाकुर धीरेंद्र सिंह समेत कई अन्य पदाधिकारी भी मौजूद रहे। जबकि मंडलायुक्त अनीता मेश्राम, एडीजी प्रशांत कुमार, आईजी मेरठ राजकुमार, नोएडा प्राधिकरण के चेयरमैन आलोक टंडन आदि समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
बिजली का कट न हो इसके लिए विकल्प किए तैयार
सैमसंग कंपनी में विद्युत व्यवस्था के लिए विभाग ने 50 मेगावाट का कनेक्शन दिया है। सोमवार को प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर विभाग की ओर से दो बिजली घरों से विद्युत आपूर्ति करने की व्यवस्था की गई है। जबकि कंपनी ने दो जेनरेटर अलग से मंगाए हैं और इसके बाद कंपनी का भी जेनरेटर व्यवस्था को लाइन में रखा गया है। इसके बाद भी कंपनी की ओर से यूपीएस को भी इमरजेंसी के लिए रखा गया है, ताकि किसी भी हालत में बिजली कट न होने पाए। हालांकि, विभाग ने पांच दिन में बिजली की जर्जर व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त कर लिया है।