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60 स्टैंड बनकर तैयार, ई-साइकिल का अब भी इंतजार

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नोएडा के सेक्टर-58 में बना ई साइकिल स्टैंड
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नोएडा। ई-साइकिल की सवारी से राह आसान बनाने का सपना तो शहरवासियों को दिखा दिया, लेकिन दो साल बाद भी इसे साकार नहीं किया जा सका है। 6 बार निविदाएं आमंत्रित होने के बाद भी किसी निजी एजेंसी ने रुझान नहीं दिखाया तो प्राधिकरण ने खुद ही ई-साइकिल डॉकिंग स्टेशन (साइकिल स्टैंड) बनवा दिए। शहर में 60 स्थानों पर डॉकिंग स्टेशन बनकर तैयार हो चुके हैं। अब योजना को परवान चढ़ाने के लिए कंसलटेंट एजेंसी ने प्रस्ताव तैयार कर सीईओ को भेजा है।
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नोएडा प्राधिकरण की ट्रैफिक सेल के अधिकारियों के अनुसार, पूर्व निर्धारित योजना के तहत शहर में ई-साइकिल के लिए 62 डॉकिंग स्टेशन बनाने हैं। इनमें से 60 का काम पूरा हो चुका है। योजना की शर्तों के अनुसार, प्रत्येक स्टेशन पर 10 ई-साइकिल उपलब्ध कराने का प्रावधान है, लेकिन कंसलटेंट की ओर से तैयार प्रस्ताव में शुरुआती 4 से 8 महीने तक 5 साइकिल उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है।
जिन एजेंसी को ई-साइकिल के संचालन का जिम्मा सौंपा जाएगा, उसे साइकिल और डॉकिंग स्टेशन पर 25 प्रतिशत विज्ञापन से आमदनी का अधिकार देने का सुझाव भी दिया गया है। शहरवासियों को ई-साइकिल के प्रति प्रेरित करने के लिए प्राधिकरण को पहले खुद इस प्रक्रिया को अपनाना होगा। इसके लिए प्राधिकरण कर्मियों को 50 प्रतिशत कम किराए में साइकिल उपलब्ध कराने का सुझाव भी दिया गया है। इसके अलावा 100 स्क्वायर मीटर जगह साइकिल रिपेयरिंग के लिए उपलब्ध करानी होगी। इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर प्राधिकरण की सीईओ को भेजा गया है।
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योजना में मुनाफे का ‘पेच’ फंसने से देरी
साल 2019 में योजना के लिए निविदाएं आमंत्रित की गईं। छह माह में पांच बार निविदाएं आमंत्रित होने के बाद भी कोई एजेंसी ई-साइकिल योजना का हिस्सा बनने को तैयार नहीं हुई। इसकी वजह योजना में मुनाफे का पेच फंसना बताया गया। पर्यावरण हितैषी मोबिलिटी प्लान का हिस्सा बनने वाली कंपनी को 62 डॉकिंग स्टेशनों पर 620 ई-साइकिल उपलब्ध कराने के लिए करीब डेढ़ करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करना होगा। हर स्टैंड पर 2 ईसीएस, दो कारों की पार्किंग के बराबर जगह उपलब्ध कराने के एवज में 1500 रुपये प्रतिमाह किराया वसूलने का प्रावधान योजना में था। ऐसे में आमदनी से ज्यादा घाटे का खतरा भांपते हुए किसी एजेंसी ने हिस्सा नहीं लिया। इसके बाद योजना की शर्तों में लगातार बदलाव जारी हैं।
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ये सुविधाएं देने का दावा
- ई-साइकिल की अधिकतम गति सीमा 25 किमी प्रति घंटा होगी। बिना बैट्री के इसका वजन 60 किलो से अधिक नहीं होगा।
- ई-साइकिल की सेवा लेने के लिए ग्राहकों को एप की मदद लेनी होगी। केवाईसी कराने के बाद डॉकिंग स्टेशन पर एप की मदद से साइकिल ऑन होगी।
- डॉकिंग स्टेशन पर वापस आने के बाद साइकिल अपने आप लॉक हो जाएगी। हफ्ते के सात दिन सुबह 5 से रात 11 बजे तक सेवा का लाभ उठाया जा सकेगा।
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