फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बुलंदशहर के निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष से मांगी 60 लाख की रंगदारी, पांच गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
नोएडा। सेक्टर 50 निवासी और बुलंदशहर जिला पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष ओमवीर सिंह से रंगदारी मांगने के आरोप में सेक्टर 49 पुलिस ने शनिवार रात 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से तमंचा, स्कूटी और 4 मोबाइल बरामद हुए हैं। दो आरोपी निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष के यहां नौकर थे।
विज्ञापन

एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि 20 जनवरी को ओमवीर सिंह चौधरी से 60 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया और मोबाइल कॉल और अन्य तरीके से आरोपियों को ट्रेस किया। शनिवार रात बरौला स्थित कुलदीप यादव के घर से पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान बिहार निवासी कुलदीप यादव, सुरेश साहनी, उत्तराखंड के मसूरी निवासी अमन नौटियाल, आगरा नावली निवासी ओम भदोरिया व दिल्ली के सेक्टर 3 आरके पुरम निवासी वंश डागर उर्फ प्रथम के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि कुलदीप यादव निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष ओमवीर सिंह चौधरी के घर पर करीब डेढ़ साल नौकर के रूप में कार्य कर चुका था और दिसंबर 2020 में उसने नौकरी छोड़ी थी।
इसके बाद उसने दूसरे नौकर सुरेश साहनी से दोस्ती की और उसे विश्वास में लेकर ओमवीर सिंह के रहन-सहन को देखते हुए 60 लाख की रंगदारी मांगी। नीरज बवाना गैंग ने एक फ्रेंड्स ग्रुप सोशल मीडिया पर बना रखा है। इंटरनेट पर घटना को अंजाम देने से पहले कमल यादव, अजय साहनी समेत सभी आरोपी सोशल मीडिया पर उस ग्रुप के सदस्य बने और वहां से नीरज बवाना और उसके सहयोगियों का नाम लेकर रंगदारी मांगी।
विज्ञापन

ओम भदोरिया करता था रंगदारी के लिए कॉल
आगरा निवासी ओम भदोरिया चौधरी ओमवीर सिंह को कॉल करता था और रुपए नहीं देने पर जान से मारने की धमकी देता था। 25 जनवरी को ओम भदोरिया और कमल यादव ने मिलकर तमंचे से उनके घर के पास फायर किया था।
मास्टरमाइंड था कमल यादव
ओमवीर सिंह के घर पर नौकर रहे कुलदीप यादव को उनका रहन-सहन अच्छा लगता था। उसने अन्य साथियों को साजिश में शामिल किया। उसने कहा कि 60 लाख नहीं तो 30-40 लाख रुपए तो मिल ही जाएंगे और सभी के हिस्से में 8 से 10 लाख रुपए आएंगे। सुरेश साहनी दोस्त कुलदीप यादव को फोन करके ओमवीर सिंह के घर में होने वाली गतिविधियों को जान रहा था। इसके बाद ही वह ओमवीर सिंह को फोन करता था। कुलदीप ने कबूल किया कि व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से उन्होंने इंटरनेशनल कॉलिंग दिखाने के लिए ओमवीर सिंह को फोन किया था ताकि वह पकड़े न जाएं। लेकिन एक बार उसने अपने मोबाइल से ही फोन कर दिया था, जिससे वह पकड़े गए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें