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जोड़----छह आरओबी बनने से दादरी-ग्रेटर नोएडा के बीच आना-जाना होगा आसान

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दादरी-ग्रेनो से एनएच-91 की राह आसान करेंगे छह ओरओबी
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दादरी। अगले दो साल में ग्रेटर नोएडा व दादरी के निवासियों के लिए एनएच-91 जाने की राह आसान हो जाएगी। छह जगहों पर आरओबी बनने से रेलवे लाइन को पार करने में परेशानी दूर हो जाएगी। मंगलवार को उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और राज्यमंत्री चंद्रिका राय ने लखनऊ से इनका शिलान्यास किया। इन छह आरओबी की लागत करीब 444 करोड़ रुपये है। मायचा, अजायबपुर, रायपुर बांगर-अजायबपुर, रामगढ़, घोड़ी-बछेड़ा, बोड़ाकी व चिपियाना की तरफ से एनएच-91 को जाने वाले ग्रेनो, ग्रेनो वेस्ट व दादरी के निवासियों को रेलवे लाइन पार करने में बहुत समय लग रहा था। इन पर आरओबी बनाने की मांग लंबे समय से यहां के लोग कर रहे थे। दादरी विधायक तेजपाल नागर भी कोशिश कर रहे थे। लोक निर्माण विभाग व राज्य सेतु निगम आरओबी बनाएंगे। शिलान्यास के दौरान दादरी विधायक तेजपाल नागर मेरठ स्थित लोक निर्माण निगम के चीफ डिवीजन ऑफिस में मौजूद रहे। इन सभी को 2022 के अंत तक बनाने का लक्ष्य है। दादरी विधायक ने कहा कि छह नए आरओबी नोएडा, ग्रेटर नोएडा और दादरी के विकास में मील का पत्थर साबित होंगे। इनके बनने से नोएडा-ग्रेनो व दादरी के उद्यमियों के माल वाहन एनएच-91 तक आसानी से पहुंच सकेंगे। उन्होंने बताया कि मायचा के पास आरओबी बनने से मायचा का मड़ैया, समाधीपुर और लुहारली के लोग एनएच-91 तक जा सकेंगे। रायपुर बांगर के पुल से चक्रसेनपुर व कैमराला के लोग एनएच 91 तक जा सकेंगे। रामगढ़ व घोड़ी-बछेड़ा के बीच पुल बनने से ग्रेटर नोएडा, रामगढ़ और बील अकबरपुर के ग्रामीण एनएच-91 से सीधे जुड़ जाएंगे। बोड़ाकी के पास पुल से पल्ला व चिटेहरा के लोगों को सुविधा होगी। चिपियना में आरओबी बनने से ग्रेनो वेस्ट के निवासी एनएच-91 से जुड़ जाएंगे। इन रास्तों से रोजाना करीब एक लाख लोगों के निकलने का अनुमान है। बता दें, कि मेरठ मंडल के तहत कुल 10 आरओबी बनने हैं, जिसमें से छह दादरी विधानसभा में स्थित हैं। मायचा, अजायबपुर, रायपुर बांगर, अजायबपुर, रामगढ़, घोड़ी-बछेड़ा, बोड़ाकी व चिपियाना के पास बनने वाले इन आरओबी की कुल लागत 444 करोड़ रुपये है।
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उद्योगों को होगा सबसे अधिक फायदा
आरओबी बनने का सबसे अधिक फायदा उद्योगों को होगा। अभी दादरी से ग्रेटर नोएडा और नोएडा आनाजाना आसान नहीं है। एकमात्र रास्ता तिलपता से होकर है, लेकिन छह आरओबी बनने के बाद दादरी से ग्रेटर नोएडा और नोएडा आनेजाने के कई रास्ते बन जाएंगे। उसके बाद राष्ट्रीय राज्य मार्ग से बड़े वाहन आसानी से आ जा सकेंगे। उद्यमियों की सामान लाने और ले जाने की समस्या समाप्त हो जाएगी।
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छह आरओबी और उनकी लागत
मायचा के पास : 50.22 करोड़
अजायबपुर के पास : 44.70 करोड़
रायपुर बांगर-अजायबपुर के बीच : दो लेन- 45.17 करोड़
रामगढ़ व घोड़ी-बछेड़ा के बीच: दो लेन - 50.25 करोड़
बोड़ाकी के पास: दो लेन - 59.57 करोड़
चिपियाना के पास-चार लेन - 194.58 करोड़
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