छह कोच वाली पहली ट्रेन पहुंची, संचालन शुरू करने से पहले होंगे कई परीक्षण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली मेट्रो के फेज-चार के तहत निर्माणाधीन तीन कॉरिडोर पर छह कोच वाली चालक रहित ट्रेनें दौड़ेंगी। शुक्रवार को छह कोच वाली पहली ट्रेन दिल्ली पहुंची। आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से ट्रेनें दिल्ली पहुंचेंगी। मेट्रो अधिकारियों ने बताया कि संचालन शुरू करने से पहले इनका मुकुंदपुर डिपो में कई स्तर पर परीक्षण किया जाएगा।
डीएमआरसी के अधिकारियों ने बताया कि ट्रेनों का उद्घाटन इस साल 23 सितंबर को डीएमआरसी और एल्सटॉम के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में चेन्नई के पास श्रीसिटी में किया गया था। पहली ट्रेन को दिल्ली मेट्रो के मुकुंदपुर डिपो में रखा गया है। मजलिस पार्क से मौजपुर, जनकपुरी पश्चिम से आर के आश्रम मार्ग और तुगलकाबाद से दिल्ली एरोसिटी के लिए कुल 312 मेट्रो कोच (52 ट्रेनें) प्राप्त होंगी। 312 कोचों में से 234 लाइन-7 (पिंक लाइन) और लाइन-8 (मैजेंटा लाइन) के विस्तारित खंडों यानी मजलिस पार्क से मौजपुर और जनकपुरी पश्चिम से आरके आश्रम मार्ग के लिए आवंटित किया गया है। शेष 78 कोच तुगलकाबाद से दिल्ली एरोसिटी कॉरिडोर के लिए हैं। देश में बनी इन ट्रेनों को 95 किलोमीटर प्रति घंटे की गति और 85 किलोमीटर प्रति घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया गया है।
मजेंटा लाइन को मिलेंगी सबसे ज्यादा ट्रेनें
मजेंटा लाइन के जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग विस्तार में 144 नए कोच (24 ट्रेनें) मिलेंगे, जबकि पिंक लाइन के मुकुंदपुर-मौजपुर विस्तार में 90 नए कोच (15 ट्रेनें) मिलेंगे। वहीं, एरोसिटी से तुगलकाबाद तक के नए गोल्डन लाइन कॉरिडोर में 78 नए कोच (13 ट्रेनें) दिए जाएंगे। दिल्ली मेट्रो के फेज-4 के तहत पांच अलग-अलग कॉरिडोर में 86 किलोमीटर नई लाइनें बनाई जा रही हैं। इसमें तीन कॉरिडोर जनकपुरी पश्चिम-आरके आश्रम मार्ग, मजलिस पार्क-मौजपुर और एरोसिटी-तुगलकाबाद निर्माणाधीन हैं। अन्य दो नए कॉरिडोर, लाजपत नगर-साकेत-जी ब्लॉक और इंद्रप्रस्थ -इंद्रलोक प्री-टेंडरिंग चरण में हैं।