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गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की लिस्ट जारी

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हेडिंग: शिक्षा विभाग ने जारी की 15 अवैध स्कूलों की लिस्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सलारपुर में चल रहे गैर मान्यता प्राप्त स्कूल की दिवार गिरने से दो बच्चों की मौत के बाद शिक्षा विभाग की आंख खुली है। विभाग की तरफ से शहर की गलियों में चल रहे 15 अवैध स्कूलों की सूची जारी की गई है। साथ ही शिक्षा विभाग ने खंड अधिकारी को पत्र जारी कर निर्देश दिए हैं कि इन स्कूलों के मानकों के अनुसार जांच की जाए। अगर विद्यालय अमान्य पाएं जाते हैं तो नियमानुसार तत्काल प्रभाव से स्कूल बंद किए जाएं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि जिले में बड़ी संख्या में गैर मान्यता प्राप्त स्कूल अवैध रूप से चल रहे हैं उनमें, चिल्ड्रेन एकेडमी छिजारसी, दयानंद पब्लिक स्कूल बहलोलपुर, विवेक विद्यापीठ छिजारसी, ज्ञानदीप चोटपुर, एचआई पब्लिक स्कूल छिजारसी, गीता पब्लिक स्कूल छिजारसी, जागृति पब्लिक स्कूल छिजारसी, नवीन ज्ञान हरि सिंह पब्लिक स्कूल नोएडा, सीबीएस पब्लिक स्कूल, प्रयाग पब्लिक स्कूल, सांई पब्लिक याकूबपुर फेस-2 नोएडा, रॉयल पब्लिक स्कूल, गायत्री पब्लिक स्कूल, बीना पब्लिक स्कूल कांशीराम कॉलोनी के पीछे सेक्टर-45 शामिल हैं। इनकी जांच के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा अन्य स्कूलों की भी सूची तैयार की जा रही है।
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डीएम ने दिए निर्देश, जर्जर स्कूल भवन गिराए जाएंगे
नोएडा। जिलाधिकारी ने शहर जर्जर स्कूलों के भवन गिराने के निर्देश दिए हैं। दरअसल, बेसिक शिक्षा विभाग के विद्यालयों में कई जर्जर भवन खडे़ हुए हैं जो बच्चों के लिए जोखिम भरे हैं। इनकी सूची शिक्षा विभाग के पास है। विभाग ने इनकी जांच लोक निर्माण विभाग से करवाई गई थी। विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई मूल्यांकित धनराशि के आधार पर जर्जर भवनों की नीलामी विद्यालय प्रबंध समितियों के माध्यम से खुली बैठकों में हुई, लेकिन इस दौरान अधिकांश विद्यालयों में विभाग द्वारा उपलब्ध कराई गई मूल्यांकित धनराशि के बराबर और उससे अधिक धनराशि पर किसी ने बोली नहीं लगाई है। इस वजह से विद्यालय की नीलामी नहीं हो सकी। ऐसे में शिक्षा विभाग की तरफ से अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग से पुनर्मूल्यांकन हेतु अनुरोध किया गया, जिसमें उनके द्वारा अवगत कराया गया कि मानकों के अनुसार ही किया गया है। मूल्यांकन लागत में कोई परिवर्तन किया जाना संभव नहीं है। इस वजह से जिलाधिकारी के आदेश पर छात्रहित एवं जनहित को ध्यान में रखते हुए जनपद के परिषदीय विद्यालयों में खड़े जर्जर और अप्रयोग भवनों को विद्यालय प्रबंध समितियों के समक्ष ग्राम की खुली बैठकों में उच्चतम बोली के आधार पर नीलाम कराते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कराई जाएगी।
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