फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नेताओं की रिश्तेदारी का गांव नाईनंगला पिछले 15 साल से पीने के पानी को मोहताज

विज्ञापन
विज्ञापन
बूंद-बूंद पानी को मोहताज गांव नाईनंगला के लोग
विज्ञापन

- नेताओं की रिश्तेदारी वाले गांव में पिछले 15 साल से खरीद कर पी रहे हैं पानी
- बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है गांव में
यूनुस अलवी
पुन्हाना। नूंह जिला के अंतर्गत गांव नाईनंगला ऐसा गांव है जहां के लोग पिछले 15 साल से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। ऐसी स्थित में उन्हें टैंकर का पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। गांव में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का यह आलम तब है जब इस गांव में कई नेताओं, सांसदों की रिश्तेदारी है।
गांव नाईनंगला नूंह जिला परिषद की चेयरपर्सन अनीसा बानो का पैत्रिक गांव हैं जिसमें नूंह के सांसद स्वर्गीय तैयब, सांसद स्वर्गीय रहीम खान, मंत्री स्वर्गीय शकरूल्लाह, विधायक हबीबुर्रहमान के अलावा कई बडे़ राजनेताओं के घरानों की नजदीकी रिश्तेदारी है। इसके बावजूद इस गांव में बदहाली पसरी हुई है। हालांकि नेताओं ने इस गांव को पीने का पानी सप्लाई करने की कोशिश तो की लेकिन वे सब नाकाम साबित हुए। गांव के लोग आज भी 700 रुपये प्रति टैंकर मौल का पानी खरीद कर पी रहे हैं। लोगों ने अपने-अपने घरों में वाटर टैंकबना रखे हैं, जिसमें पानी भरकर एक सप्ताह तक खुद और पशुओं के पीने में इस्तेमाल करते हैं।
विज्ञापन

गांव निवासी 85 वर्षीय हाजी सद्दीक खान ने बताया कि आज से 40 साल पहले इलाके में काफी बारिश होती थी। जिसकी वजह से लोग गांव के जंगलों में बने कुओं से पानी भर कर गुजारा करते थे। पिछले 30 साल से पर्याप्त बारिश न होने की वजह से जलस्तर करीब 700 फीट चला गया है। गांव में 100 फीट पर पानी तो निकलता है लेकिन वह खारा है जिसे पशु भी पीने में इस्तेमाल नहीं कर सकते।
तफज्जुल हुसैन ने बताया कि गांव को 1990 में पूर्व गृहमंत्री हसन मोहम्मद ने वाटर सप्लाई के लिए खेडी गांव से जोड़ा था। जो करीब पांच साल तक ही चल सका। उसके बाद आज तक गांव को पीने का पानी नसीब नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि करीब तीन साल पहले यह गांव खानजादा बसी से रेनीवैल से जोड़ा था। जिसमें 6 महीने ही पानी चला, उसके बाद आज तक पानी नहीं आया है।
भाजपा नेता आलम उर्फ मुडल की पुत्रवधु एवं नूंह जिला प्रमुख अनीसा बानो जब चार साल पहले जिला परिषद की चेयरपर्सन बनीं तो गांव की महिलाओं को उम्मीद थी कि अब उनके सिर से मटकों का बोझ उतर जाएगा और गांव में पीने का पानी नसीब हो सकेगा। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। यहां आज भी मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। यहां पर पशु अस्पताल तो है लेकिन उसमें कोई डाक्टर आता ही नहीं हैं। गांव की अधिकतर गलियां कच्ची हैं। बिजली दिन में तो आती ही नहीं है। गांव के मिडिल स्कूल में पर्याप्त अध्यापक नहीं हैं।
समाजसेवी मौलाना साबिर कासमी का कहना है कि इस गांव में इनेलो के वर्तमान विधायक नसीम अहमद की बहन का ससुराल है तो वहीं पूर्व सांसद स्वर्गीय तैयब हुसैन की बेटी एवं नूंह से इनेलो विधायक जाकिर हुसैन और कामां राजस्थान से पूर्व मुख्य संसदीय सचिव जाहिदा खान की सगी बुआ का ससुराल इसी गांव में है। नूंह के पूर्व विधायक मरहूम चौधरी हामिद हुसेन की बेटी का ससुराल भी नाईनंगला गांव है। पूर्व सांसद स्वर्गीय रहीम खां का बेटा एवं पूर्व मंत्री मोहम्मद इलयास का छोटा भाई पूर्व विधायक हबीबुर्रहमान का ससुराल भी इसी गाव में है। मेवात के मशहूर स्वतंत्रता सेनानी डाक्टर अब्दुल हई की बेटी का ससुराल भी इसी गांव में है। अलवर के पूर्व विधायक जुबेर खान की पत्नि एवं पूर्व जिला प्रमुख सफिया खान का भी इस गांव से गहरा रिश्ता है।
विज्ञापन


क्या कहती हैं जिला प्रमुख
नूंह जिला की जिला प्रमुख अनीसा बानो का कहना है कि सरकार ने फिरोजपुर झिरका के 80 गांवों के लिए 263 करोड़ की रेनीवैल योजना मंजूर की है। जल्द ही उस योजना से गांव को जोड़कर पानी की समस्या से निजात दिलाई जाएगी।

फोटो- गांव में वाटर टैंक से पानी भरती महिलाएं, गांव को सप्लाई करता पानी का टेकर, गांव की वाटर सप्लाई सेंटर जिसमें उपले थापे जा रहे हैं
फोटो गांव की पशु अस्पातल में उपले थापते लोग
फोटो-1 -मोलाना साबिर कासमी
फोटो 2 हाजी सद्दीक अहमद
फोटो-तफजजुल हुसैन ग्रामीण
फोटो अनीसा बानों जिला प्रमुख
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें