पुस्तकें हमें शिक्षा के साथ सही-गलत की देती हैं सीख : सत्यपाल
- दिल्ली पुस्तक मेले का केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री ने किया उद्घाटन
- मेले में अटल की पुस्तकें भी हैं खास, बाल पाठकों को भा रहे नए-नए गैजेट्स
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में शनिवार को प्रगति मैदान में पुस्तक मेले का आगाज हो गया। पहले दिन ही पुस्तक प्रमियों काफी भीड़ उमड़ी। मेले का उद्घाटन केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री सत्यपाल सिंह ने किया। उधर, मेले में बाल पाठकों की भरमार रही। केंद्रीय मंत्री ने मेले में एनसीईआरटी के स्टाल समेत अन्य स्टाल्स का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि पुस्तकें हमारा ज्ञान वर्धन करती हैं। हमें शिक्षित करती हैं और सही-गलत की सीख देती हैं। उन्होंने कहा कि पुस्तकों के बिना सभ्य समाज की कल्पना नहीं की जा सकती।
पुस्तक मेले में इस बार कई नए प्रकाशकों ने हिस्सा लिया है। मेले में 120 प्रकाशकों के अलग-अलग 300 स्टाल हैं। इसके अतिरिक्त, साहित्य अकादमी, ललित कला अकादमी, नेशनल सेंटर फॉर एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) और नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) डोम्स, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास इंडिया, बंक, जैकब पब्लिशिंग में पाठकों का जमावड़ा लगा रहा। मेले में पहली बार आई जापान की कंपनी पोरट्रॉनिक्स डिजिटल प्राइवेट लिमिटेड और टोम्बो नए प्रकार के गैजेट्स लेकर आए हैं। ये गैजेट्स बाल पाठकों को काफी लुभा रहे हैं। पाठकों के लिए कारपोरेट स्टॉल लगाए गए हैं।
मेले में पाठक पूजा सिंह ने कहा कि वह हर बार पुस्तक मेले में आती हैं और यहां से अपनी पसंदीदा पुस्तकों की खरीदारी करती हैं। उन्हें विशेष तौर पर साहित्य की पुस्तकों में रुचि है जो आसानी से यहां मिल जाती हैं।
अटल की पुस्तकें हैं खास
पुस्तक मेले में प्रकाशन विभाग में अटल की पुस्तकों की भरमार है। इसके अलावा अटल के प्रधानमंत्री कार्यकाल से जुड़ी कई पुस्तकें उपलब्ध हैं। जिनमें उनके किरदार को बखूबी पेश किया गया है।