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यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल पर 50 वाहन आपस में भिड़े, 40 मुसाफिर घायल

Tue, 08 Dec 2020 01:59 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
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हादसे के बाद... - फोटो : amar ujala
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घने कोहरे की वजह से सोमवार को ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे और यमुना एक्सप्रेसवे पर तीन हादसों में करीब 50 वाहन भिड़ गए। इसमें 40 से अधिक लोग घायल हो गए। मामूली रूप से घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि एक का अस्पताल में इलाज चल रहा है। ईस्टर्न पेरिफेरल पर हादसे में घायलों का कहना है कि घने कोहरे की वजह से दुर्घटना के वक्त कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था।

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अट्टा गुजरान गांव के पास ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे पर मरम्मत कार्य चल रहा है। बीच हाइवे पर ही करीब दो फीट गहरा और 10 फीट चौड़ा गड्ढा बनाया गया है। सोमवार तड़के करीब 3:00 बजे सोनीपत से मानेसर जा रहा एक ट्रक गड्ढे में गिर गया। इसके बाद एक-एक कर करीब 20 ट्रक और 20 अन्य वाहन एक दूसरे से टकराते गए। इसी हादसे में हापुड़ से गुड़ भरकर गुजरात जा रहा कैंटर हाइवे से नीचे पलट गया। इसमें चालक और परिचालक घायल हो गए। ईस्टर्न पेरिफेरल हादसे में करीब 20 लोग घायल हुए। करीब 5 घंटे तक ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे पर जाम की स्थिति बनी रही। घायलों का आरोप है कि 5 घंटे तक पुलिस और एक्सप्रेसवे कर्मी घटनास्थल पर नहीं पहुंचे और न ही किसी प्रकार की मदद मिल सकी।

वहीं दूसरा हादसा यमुना एक्सप्रेसवे पर सलारपुर अंडरपास के पास हुआ। सुबह करीब 5 बजे एक बस आगे चल रहे ट्रक से टकरा गई। इसके बाद करीब 10 गाड़ियां एक दूसरे से भिड़ती गईं। हादसे में 17 लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंचे सुरक्षाकर्मियों ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाया। इसके अलावा यमुना एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर सलारपुर अंडरपास के पास ऑटो और स्कूल बस की टक्कर हो गई। इसमें ऑटो सवार अच्छेजा निवासी बुजुर्ग कुंवरपाल की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन महिलाएं जग्गू, मंजू और ममता गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजनों की शिकायत पर स्कूल बस चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। परिजनों का आरोप है कि गलत दिशा में आ रहे बस चालक की वजह से हादसा हुआ।
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यात्रियों के सूझबूझ से भिड़ने से बचे और वाहन
ईस्टर्न पेरिफेरल पर हादसे में घायल अली बेग और देवेंद्र सिंह आदि ने बताया कि गाड़ियां पीछे से एक दूसरे से टकराती चली गईं। कई लोगों को एकत्रित कर आ रहे अन्य वाहन चालकों को मोबाइल का टॉर्च दिखा और शोर मचाकर रोका। इसी तरह यमुना एक्सप्रेसवे पर भी हादसे के यात्रियों ने अन्य वाहनों को आगे जाकर रोका, जिससे कई वाहन भिड़ने से बच गए।

पांच टन गुड़ लेकर भागे ग्रामीण
ईस्टर्न पेरिफेरल पर हादसे में एक गुड़ से भरा कैंटर पलट गया था। कैंटर में करीब 10 टन गुड़ डिब्बों में भरा हुआ था। हादसे के बाद डिब्बे बिखर गए। इसकी भनक लगते ही गुड़ लेने के लिए सैकड़ों महिलाएं और ग्रामीण इकट्ठे हो गए। कैंटर चालक के मुताबिक करीब 5 टन गुड़ ग्रामीण लेकर भाग गए।

दो घंटे तक मदद नहीं मिलने का आरोप
सोमवार तड़के यमुना एक्सप्रेसवे पर हादसे में बीएसएनएल के नोएडा कार्यालय में तैनात डीजीएम तुषार गुप्ता की कार भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। उन्होंने बताया कि हादसे के 2 घंटे बाद तक भी किसी प्रकार की मदद नहीं मिल सकी।

ईस्टर्न पेरिफेरल हाइवे पर 12 और यमुना एक्सप्रेसवे पर 4 वाहन भिड़े हैं। प्रथम दृष्टया घटना की वजह कोहरा ही लग रहा है। ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के मरम्मत कार्य की भी पड़ताल की जा रही है। ज्यादातर यात्री मामूली रूप से घायल हुए हैं। इलाज के बाद उनको घर भेज दिया गया।
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- अनिल पांडेय, प्रभारी दनकौर कोतवाली

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